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Deoria News: एक हफ्ते मिला शुद्ध पानी, फिर बंद हो गई सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:12 AM IST
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पुरैनी मिश्र मे आधा अधूरा बना पानी का टंकी ।
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तरकुलवा। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल योजना धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है। मठिया रत्ती गांव में लगभग पांच साल पहले 206.96 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई।
पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा हो गया। जगह-जगह टोंटी लगाने का कार्य भी तेजी से पूरा किया गया, लेकिन लगभग एक सप्ताह पानी सप्लाई होने के बाद फिर जलापूर्ति बंद हो गई। इससे गांव की लगभग दो हजार की आबादी आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गांव की अच्छी खासी सड़कों को तोड़कर छोड़ दिया गया है। जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है। बंजरिया गांव में साल 2003 में 60 लाख की लागत से पानी टंकी बनाई गई थी।
इसे चलाने के लिए बिजली कनेक्शन भी लिया गया। 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया गया। ऑपरेटर की तैनाती की गई, लेकिन 23 साल बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। कैथवलिया गांव में ठेकेदार ने पानी टंकी निर्माण का काम बीच में ही छोड़ कर भाग गया। नरहरपट्टी में पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी जलापूर्ति नहीं हो सकी है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार ने सड़क को जगह-जगह तोड़कर छोड़ दिया। सालों गुजर जाने के बाद भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। कनकपुरा, परसौनी, बेलही, भरौटा, महुआपाटन, सरैनी, बरईपट्टी, खैराट आदि गांवों में पानी टंकी निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा हो गया। जगह-जगह टोंटी लगाने का कार्य भी तेजी से पूरा किया गया, लेकिन लगभग एक सप्ताह पानी सप्लाई होने के बाद फिर जलापूर्ति बंद हो गई। इससे गांव की लगभग दो हजार की आबादी आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गांव की अच्छी खासी सड़कों को तोड़कर छोड़ दिया गया है। जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है। बंजरिया गांव में साल 2003 में 60 लाख की लागत से पानी टंकी बनाई गई थी।
इसे चलाने के लिए बिजली कनेक्शन भी लिया गया। 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया गया। ऑपरेटर की तैनाती की गई, लेकिन 23 साल बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। कैथवलिया गांव में ठेकेदार ने पानी टंकी निर्माण का काम बीच में ही छोड़ कर भाग गया। नरहरपट्टी में पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी जलापूर्ति नहीं हो सकी है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार ने सड़क को जगह-जगह तोड़कर छोड़ दिया। सालों गुजर जाने के बाद भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। कनकपुरा, परसौनी, बेलही, भरौटा, महुआपाटन, सरैनी, बरईपट्टी, खैराट आदि गांवों में पानी टंकी निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
