{"_id":"697f9e1bf4cbc95ccb0b02a4","slug":"the-accused-fled-their-homes-after-an-fir-was-lodged-in-the-fake-appointment-case-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-173893-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: फर्जी नियुक्ति मामले में प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपी घर छोड़कर भागे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: फर्जी नियुक्ति मामले में प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपी घर छोड़कर भागे
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सलेमपुर। नगर के किशोरगंज स्थित श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय में फर्जी नियुक्ति के मामले में पुलिस ने शनिवार को पूर्व व वर्तमान प्रबंधक समेत पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। यह कार्रवाई सह जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर हुई थी। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं।
श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय में तीन शिक्षकों का फर्जी तरीके से नियुक्ति करने के मामले में सह विद्यालय निरीक्षक ने तत्कालीन व वर्तमान प्रबंधक और तीनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को तहरीर दी थी।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रबंधक सदर कोतवाली क्षेत्र के कसया रोड गायत्रीपुरम निवासी सेतवान उर्फ सेतबंधू तिवारी ने बिना सक्षम अनुमोदन के सत्येंद्र तिवारी, योगेश्वर नाथ तिवारी और दिनावती त्रिपाठी को शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया। तीनों नियुक्तियां नियमों के विपरीत हैं।
जांच के दौरान जब नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली गई तो तत्कालीन प्रबंधक ने वर्तमान प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव पर फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया। वहीं वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने नियुक्ति की जिम्मेदारी तत्कालीन प्रबंधक पर डाल दी। दोनों के अलग-अलग दावों के बाद मामला संदिग्ध हो गया। तीन दिन पहले सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने जांच के लिए श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन तीनों शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े कोई कागजात उन्हें वर्तमान प्रबंधक के तरफ से उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
जिसके बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी। मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शनिवार की देर रात तत्कालीन प्रबंधक सेतवान उर्फ सेतबंधू, वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव, टीचर्स कॉलोनी वार्ड के रहने वाले सत्येंद्र तिवारी, पंडित हरिया गांव निवासी योगेश्वर नाथ तिवारी व मईल थाना क्षेत्र के कसिली गांव निवासी दिनावती त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की तिथि 27 दिसंबर 2006 और 7 मई 2007 दर्ज है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
Trending Videos
श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय में तीन शिक्षकों का फर्जी तरीके से नियुक्ति करने के मामले में सह विद्यालय निरीक्षक ने तत्कालीन व वर्तमान प्रबंधक और तीनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को तहरीर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रबंधक सदर कोतवाली क्षेत्र के कसया रोड गायत्रीपुरम निवासी सेतवान उर्फ सेतबंधू तिवारी ने बिना सक्षम अनुमोदन के सत्येंद्र तिवारी, योगेश्वर नाथ तिवारी और दिनावती त्रिपाठी को शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया। तीनों नियुक्तियां नियमों के विपरीत हैं।
जांच के दौरान जब नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली गई तो तत्कालीन प्रबंधक ने वर्तमान प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव पर फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया। वहीं वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने नियुक्ति की जिम्मेदारी तत्कालीन प्रबंधक पर डाल दी। दोनों के अलग-अलग दावों के बाद मामला संदिग्ध हो गया। तीन दिन पहले सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने जांच के लिए श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन तीनों शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े कोई कागजात उन्हें वर्तमान प्रबंधक के तरफ से उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
जिसके बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी। मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शनिवार की देर रात तत्कालीन प्रबंधक सेतवान उर्फ सेतबंधू, वर्तमान प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव, टीचर्स कॉलोनी वार्ड के रहने वाले सत्येंद्र तिवारी, पंडित हरिया गांव निवासी योगेश्वर नाथ तिवारी व मईल थाना क्षेत्र के कसिली गांव निवासी दिनावती त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की तिथि 27 दिसंबर 2006 और 7 मई 2007 दर्ज है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
