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Etawah News: सामूहिक विवाह से गहनों की विदाई, चार हजार रुपये सीधे खाते में
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इटावा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह करने वाली वधुओं को अब शगुन की पोटली में पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। शासन ने उपहार सामग्री की सूची में बदलाव करते हुए इन चांदी के आभूषणों को हटा दिया है। इसके स्थान पर वधू के बैंक खाते में चार हजार रुपये सीधे भेजे जाएंगे। नई व्यवस्था के बाद वधू के खाते में मिलने वाली कुल सहायता राशि 60 हजार रुपये से बढ़कर 64 हजार रुपये हो जाएगी।
वर्ष 2017 में योजना शुरू होने के बाद से वधुओं को उपहार स्वरूप पायल और बिछिया दी जाती रही हैं। हालांकि अब शासन ने सामग्री खरीद की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए नकद भुगतान का निर्णय लिया है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह राशि वधू के खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी, जिससे वह अपनी आवश्यकता के अनुसार आभूषण खरीद सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि इस वर्ष जिले को 682 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य मिला है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पहले चरण का आयोजन कराया जाएगा। बताया कि पात्र कन्याएं ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
योजना के तहत प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। नई व्यवस्था में 64 हजार रुपये वधू के खाते में भेजे जाएंगे, जबकि विवाह आयोजन पर 15 हजार रुपये खर्च होंगे। उपहार सामग्री पर होने वाला खर्च 25 हजार रुपये से घटकर 21 हजार रुपये रह जाएगा।
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उपहार सूची से पायल और बिछिया हटाने के पीछे चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पहले वधू को चांदी की पायल और बिछिया दी जाती थी, जिनकी खरीद पर लगभग चार हजार रुपये खर्च होते थे। वर्तमान में चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि होने के कारण शासन ने नकद भुगतान का विकल्प अपनाया है। हालांकि सर्राफा कारोबारियों के अनुसार बाजार में इन आभूषणों की कीमत 10 हजार रुपये या उससे अधिक है, जिससे सहायता राशि और वास्तविक लागत के बीच अंतर बना रहेगा।
वर्ष 2017 में योजना शुरू होने के बाद से वधुओं को उपहार स्वरूप पायल और बिछिया दी जाती रही हैं। हालांकि अब शासन ने सामग्री खरीद की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए नकद भुगतान का निर्णय लिया है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह राशि वधू के खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी, जिससे वह अपनी आवश्यकता के अनुसार आभूषण खरीद सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि इस वर्ष जिले को 682 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य मिला है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पहले चरण का आयोजन कराया जाएगा। बताया कि पात्र कन्याएं ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
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योजना के तहत प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। नई व्यवस्था में 64 हजार रुपये वधू के खाते में भेजे जाएंगे, जबकि विवाह आयोजन पर 15 हजार रुपये खर्च होंगे। उपहार सामग्री पर होने वाला खर्च 25 हजार रुपये से घटकर 21 हजार रुपये रह जाएगा।
उपहार सूची से पायल और बिछिया हटाने के पीछे चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पहले वधू को चांदी की पायल और बिछिया दी जाती थी, जिनकी खरीद पर लगभग चार हजार रुपये खर्च होते थे। वर्तमान में चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि होने के कारण शासन ने नकद भुगतान का विकल्प अपनाया है। हालांकि सर्राफा कारोबारियों के अनुसार बाजार में इन आभूषणों की कीमत 10 हजार रुपये या उससे अधिक है, जिससे सहायता राशि और वास्तविक लागत के बीच अंतर बना रहेगा।