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फसल बीमा घोटाला : जांच के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करा रहे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:12 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को मुआवजा देने के नाम पर घोटाला किया गया है। 68 लाख के गबन का खुलासा होने के बाद की गई जांच में 64 किसानों को भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर करीब 70 लाख रुपये नियम विरुद्ध भुगतान का मामला मिला। अब अधिकारी इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से कतरा रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2024 में रबी की फसल के दौरान जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया था। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जांच कराई गई तो यहां भी घोटाला खुलकर सामने आ गया।
पहले चक्र में नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने तहसीलवार जांच रिपोर्ट सौंपी तो कृषि उपनिदेशक ने जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसके बाद इन्हीं अधिकारियों से पूरी जांच कराई गई। इसमें बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर, अजमतपुर, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी, सुंदरपुर, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी, शाहीपुर सहित कुछ अन्य गांवों सहित 64 किसानों को करीब 70 लाख रुपये अनियमित भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई। इन किसानों की भूमि मौके पर नहीं मिली। फर्जी तरीके के गाटा नंबर भरकर किसानों के साथ मिलकर बीमा धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। इससे घोटाले की रकम बढ़कर 1.38 करोड़ पहुंच गई। कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने कि जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2024 में रबी की फसल के दौरान जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया था। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जांच कराई गई तो यहां भी घोटाला खुलकर सामने आ गया।
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पहले चक्र में नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने तहसीलवार जांच रिपोर्ट सौंपी तो कृषि उपनिदेशक ने जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसके बाद इन्हीं अधिकारियों से पूरी जांच कराई गई। इसमें बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर, अजमतपुर, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी, सुंदरपुर, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी, शाहीपुर सहित कुछ अन्य गांवों सहित 64 किसानों को करीब 70 लाख रुपये अनियमित भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई। इन किसानों की भूमि मौके पर नहीं मिली। फर्जी तरीके के गाटा नंबर भरकर किसानों के साथ मिलकर बीमा धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। इससे घोटाले की रकम बढ़कर 1.38 करोड़ पहुंच गई। कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने कि जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
