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UP: ट्राॅमा सेंटर में किशोरी की माैत, परिजन ने किया जमकर हंगामा; चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप
Mon, 17 Aug 2026 04:49 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 17 Aug 2026 04:49 PM IST
सार
तबीयत बिगड़ने पर किशोरी को परिजन ट्राॅमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दाैरान किशोरी की माैत हो गई। परिजन का आरोप है कि डाॅक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती। इस पर परिजन ने हंगामा कर दिया। डाॅक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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परिजन ने किया ट्राॅमा सेंटर में हंगामा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के कृष्णा नगर में रविवार देर रात एक 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों ने ट्रामा सेंटर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर समय से इलाज न देने व लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
कृष्णा नगर निवासी प्रताप चौहान की 14 वर्षीय पुत्री साक्षी चौहान उर्फ श्वेता कक्षा छह की छात्रा थी। अचानक पेट में तेज दर्द उठा। परिजनों के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर वे आनन-फानन में उसे लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे, जहां प्रारंभिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा को मृत घोषित करते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी बच्ची को समय से उपचार नहीं मिला, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने ट्रामा सेंटर परिसर में ही स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया।
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कृष्णा नगर निवासी प्रताप चौहान की 14 वर्षीय पुत्री साक्षी चौहान उर्फ श्वेता कक्षा छह की छात्रा थी। अचानक पेट में तेज दर्द उठा। परिजनों के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर वे आनन-फानन में उसे लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे, जहां प्रारंभिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा को मृत घोषित करते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी बच्ची को समय से उपचार नहीं मिला, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने ट्रामा सेंटर परिसर में ही स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया।
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पर्यटन मंत्री तक पहुंचा मामला
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर जांच का भरोसा दिया। इसी बीच परिजन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को फोन लगाकर सीएमओ को निलंबित करने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे बाद पुलिस के समझाने पर हंगामा शांत हो सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। मृतका पांच बहनों और एक भाई में चौथे नंबर पर थी, जबकि उसके पिता पल्लेदारी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
ट्रामा सेंटर के सीसीटीवी बंद
थाना उत्तर पुलिस को ट्रामा सेंटर में सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस अधिकारी यह स्पष्ट करना चाहते थे कि किशोरी को किस समय अस्पताल लाया गया और उसके पहुंचने के बाद इलाज की प्रक्रिया क्या रही। लेकिन सीसीटीवी कैमरों के बंद होने के चलते पुलिस को फुटेज नहीं मिल सके। कैमरों के खराब होने से अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब अन्य साक्ष्यों और बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर जांच का भरोसा दिया। इसी बीच परिजन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को फोन लगाकर सीएमओ को निलंबित करने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे बाद पुलिस के समझाने पर हंगामा शांत हो सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। मृतका पांच बहनों और एक भाई में चौथे नंबर पर थी, जबकि उसके पिता पल्लेदारी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
ट्रामा सेंटर के सीसीटीवी बंद
थाना उत्तर पुलिस को ट्रामा सेंटर में सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस अधिकारी यह स्पष्ट करना चाहते थे कि किशोरी को किस समय अस्पताल लाया गया और उसके पहुंचने के बाद इलाज की प्रक्रिया क्या रही। लेकिन सीसीटीवी कैमरों के बंद होने के चलते पुलिस को फुटेज नहीं मिल सके। कैमरों के खराब होने से अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब अन्य साक्ष्यों और बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।