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Gonda News: प्यारा सजा दरबार, भक्तों की लगी कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:03 PM IST
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खैरा भवानी मंदिर में प्रसाद चढ़ाते श्रद्धालु। -संवाद
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गोंडा। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को जिलेभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भोर से ही मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतार लग गई। श्रद्धालुओं ने मां का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की। खैरा भवानी मंदिर में भव्य दरबार सजाया गया, जहां पूरे दिन मेले जैसा माहौल बना रहा।
श्रद्धालु अनुराग, पकंज, सुमित, सुधांशु का कहना है कि खैरा भवानी मंदिर को क्षेत्र का सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता है कि जिस स्थान पर मंदिर स्थित है, वहां पहले घना जंगल था। अंग्रेजों के समय जब इस क्षेत्र से रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ तो अचानक यहां तेज प्रकाश पुंज दिखाई पड़ा। इसे आदिशक्ति मां जगदंबा का चमत्कार मानकर काम बंद कर दिया गया।
इसके बाद लोगों ने यहां पूजा-पाठ शुरू किया और बाद में मंदिर की स्थापना हुई। तभी से लोग आदिशक्ति को मां खैरेश्वरी के नाम से पुकारते हैं। मंदिर में प्रवेश का एक ही मार्ग है और गर्भगृह में मां की ज्योति स्वरूप में विराजमान मानी जाती हैं।
उधर, उमरी स्थित मां वाराही देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने मां की आराधना करके परिवार की सुख-शांति की कामना की।
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श्रद्धालु अनुराग, पकंज, सुमित, सुधांशु का कहना है कि खैरा भवानी मंदिर को क्षेत्र का सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता है कि जिस स्थान पर मंदिर स्थित है, वहां पहले घना जंगल था। अंग्रेजों के समय जब इस क्षेत्र से रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ तो अचानक यहां तेज प्रकाश पुंज दिखाई पड़ा। इसे आदिशक्ति मां जगदंबा का चमत्कार मानकर काम बंद कर दिया गया।
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इसके बाद लोगों ने यहां पूजा-पाठ शुरू किया और बाद में मंदिर की स्थापना हुई। तभी से लोग आदिशक्ति को मां खैरेश्वरी के नाम से पुकारते हैं। मंदिर में प्रवेश का एक ही मार्ग है और गर्भगृह में मां की ज्योति स्वरूप में विराजमान मानी जाती हैं।
उधर, उमरी स्थित मां वाराही देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने मां की आराधना करके परिवार की सुख-शांति की कामना की।