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Gonda News: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर युवक की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:33 PM IST
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परिजनों को सांत्वना देते पहुंचे जिला जज व अन्य अफसर।
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गोंडा। टूटकर गिरे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर शुक्रवार सुबह पथवलिया निवासी दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता रंजीत तिवारी (30) की मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हादसे के बाद जिला जज दुर्ग नरायन सिंह, डीएम प्रियंका निरंजन व एसपी विनीत जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, नौकरी व दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पथवलिया निवासी रंजीत तिवारी के घर के पीछे सुबह करीब नौ बजे जेल रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र से गुजरे हाईटेंशन लाइन के तार वहां लगे पेड़ की टहनियों से टकरा रहे थे। इससे स्पार्किंग हो रही थी। रंजीत पड़ोस के घर में इसकी जानकारी देने के लिए जा रहे थे। इस दौरान तार टूटकर रंजीत के ऊपर गिर गया। इससे वह बुरी तरह से झुलस गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। भाई अमरजीत ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही से रंजीत की जान चली गई। मुख्य अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक सभी सक्षम अधिकारियों को जर्जर तारों के बारे में जानकारी दी गई थी। मगर किसी ने सुध नहीं ली। इंस्पेक्टर विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि गैर इरादतन हत्या के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है।
परिजन रो-रोकर बेहाल
रंजीत की मौत के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। पत्नी पूजा व मां सरोज देवी बेसुध हो गईं। रंजीत के परिवार में डेढ़ वर्ष का बेटा विराट, आर्यन (4), बेटी पूर्णिमा (5) हैं। वह अपने भाइयों अमरजीत और सुधीर तिवारी में दूसरे नंबर पर थे। पिता राम बरन तिवारी की पहले ही मौत हो चुकी है। रंजीत परिवार की जिम्मेदारी उठा रहे थे।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
जेल रोड विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता कुलदीप यादव ने 10 मार्च 2026 को नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उन्हें लाइन नहीं शिफ्ट करने दिया गया। पुलिस से शिकायत की गई तो कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से हादसा होने के बाद पुलिस पर निराधार आरोप लगाया जा रहा है। जिस तहरीर का हवाला दिया जा रहा है उसमें न ही कोई रिसीविंग है और न ही कोई तहरीर दी गई है।
डीएम ने जांच के लिए बनाई कमेटी
हाईटेंशन लाइन गिरने से मौत हुई है। एसडीएम सदर की अगुवाई में उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। परिवार को यथाशीघ्र हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। कोई बख्शा नहीं जाएगा।
प्रियंका निरंजन, डीएम
बेटी नहीं देख पाई पिता का चेहरा
गोंडा। बेटी पूर्णिमा आखिरी बार पिता का चेहरा भी नहीं देख पाई। पूर्णिमा एक निजी विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती है। सुबह वह स्कूल गई थी। इसी के बाद हादसा हो गया। बेटी स्कूल से जब घर पहुंची तब तक परिवार के लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जा चुके थे।
सपोर्ट वायर के बिना दौड़ाए तार
गोंडा। भाई अमरजीत का कहना है कि बिना सपोर्ट वायर के ही हाईटेंशन लाइन दौड़ाई गई। हर वक्त लोगों की जान जोखिम में रहती थी। विभागीय लापरवाही के चलते उनके छोटे भाई की जान चली गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पथवलिया निवासी रंजीत तिवारी के घर के पीछे सुबह करीब नौ बजे जेल रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र से गुजरे हाईटेंशन लाइन के तार वहां लगे पेड़ की टहनियों से टकरा रहे थे। इससे स्पार्किंग हो रही थी। रंजीत पड़ोस के घर में इसकी जानकारी देने के लिए जा रहे थे। इस दौरान तार टूटकर रंजीत के ऊपर गिर गया। इससे वह बुरी तरह से झुलस गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। भाई अमरजीत ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही से रंजीत की जान चली गई। मुख्य अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक सभी सक्षम अधिकारियों को जर्जर तारों के बारे में जानकारी दी गई थी। मगर किसी ने सुध नहीं ली। इंस्पेक्टर विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि गैर इरादतन हत्या के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है।
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परिजन रो-रोकर बेहाल
रंजीत की मौत के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। पत्नी पूजा व मां सरोज देवी बेसुध हो गईं। रंजीत के परिवार में डेढ़ वर्ष का बेटा विराट, आर्यन (4), बेटी पूर्णिमा (5) हैं। वह अपने भाइयों अमरजीत और सुधीर तिवारी में दूसरे नंबर पर थे। पिता राम बरन तिवारी की पहले ही मौत हो चुकी है। रंजीत परिवार की जिम्मेदारी उठा रहे थे।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
जेल रोड विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता कुलदीप यादव ने 10 मार्च 2026 को नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उन्हें लाइन नहीं शिफ्ट करने दिया गया। पुलिस से शिकायत की गई तो कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से हादसा होने के बाद पुलिस पर निराधार आरोप लगाया जा रहा है। जिस तहरीर का हवाला दिया जा रहा है उसमें न ही कोई रिसीविंग है और न ही कोई तहरीर दी गई है।
डीएम ने जांच के लिए बनाई कमेटी
हाईटेंशन लाइन गिरने से मौत हुई है। एसडीएम सदर की अगुवाई में उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। परिवार को यथाशीघ्र हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। कोई बख्शा नहीं जाएगा।
प्रियंका निरंजन, डीएम
बेटी नहीं देख पाई पिता का चेहरा
गोंडा। बेटी पूर्णिमा आखिरी बार पिता का चेहरा भी नहीं देख पाई। पूर्णिमा एक निजी विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती है। सुबह वह स्कूल गई थी। इसी के बाद हादसा हो गया। बेटी स्कूल से जब घर पहुंची तब तक परिवार के लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जा चुके थे।
सपोर्ट वायर के बिना दौड़ाए तार
गोंडा। भाई अमरजीत का कहना है कि बिना सपोर्ट वायर के ही हाईटेंशन लाइन दौड़ाई गई। हर वक्त लोगों की जान जोखिम में रहती थी। विभागीय लापरवाही के चलते उनके छोटे भाई की जान चली गई।

परिजनों को सांत्वना देते पहुंचे जिला जज व अन्य अफसर।