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Hamirpur News: किराया ले रहे पूरा, सुविधाओं का पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:32 AM IST
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फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद
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हमीरपुर। परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। बसों में लगाए गए फर्स्ट एड बॉक्स सिर्फ दिखावटी साबित हो रहे हैं। अधिकांश बसों में या तो बॉक्स खाली हैं या फिर उनका कोई अता-पता नहीं है।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब पांच बसों की पड़ताल की तो एक में भी फर्स्ट एड बॉक्स व्यवस्थित नहीं मिला। सभी बॉक्स खाली मिले, हमीरपुर डिपो की एक बस में दवाओं की जगह मच्छर मार कॉइल व एक पुराना ट्यूब मिला। चालकों का कहना है कि विशेष मौकों पर ही दवा किट दी जाती है। ऐसे में अगर कोई यात्री अचानक बस में बीमार पड़ जाता है तो प्राथमिक उपचार के नाम पर परिवहन निगम की सेवा में कुछ भी नहीं है। पेश है रिपोर्ट....
रोजाना दोनों डिपो से 20-22 हजार यात्री करते आवागमन
यह स्थिति केवल हमीरपुर डिपो तक सीमित नहीं है, बल्कि राठ, महोबा, बांदा, उरई सहित अन्य डिपो की बसों में ऐसे ही हालात देखने को मिलते हैं। परिवहन निगम द्वारा दवा किट केवल चुनाव और कुंभ मेला जैसे विशेष अवसरों पर ही बसों में उपलब्ध कराई जाती हैं। जबकि हमीरपुर डिपो में 81 बसें और राठ डिपो में 106 बसों का बेड़ा है। रोजाना दोनों डिपो से 20-22 हजार यात्री आवागमन करते हैं।
फर्स्ट एड बॉक्स पर होती ये दवाएं
नई किट में सामान्य बीमारियों जैसे उल्टी-दस्त, बुखार व ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ चोट के इलाज के लिए बीटाडीन, पट्टी और बैंडेज शामिल होते हैं, लेकिन नियमित संचालन के दौरान इनका अभाव बना रहता है। सवाल यह है कि यदि आपात स्थिति में बस में सवार किसी यात्री की तबीयत बिगड़ जाती है तो उसे मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे मिलेगा।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
कबरई से आया हूं और कानपुर जा रहे हैं। सरकार की व्यवस्था है, चालक-कंडक्टर क्या करें। अधिकारियों को देखना चाहिए। प्राथमिक उपचार के नाम पर कोई सुविधा नहीं है। - सियाराम, यात्री।
सुविधाओं पर नहीं देते ध्यान
परिवहन निगम की बसों में यह सुविधा होनी चाहिए। जबकि यात्री किराए के साथ-साथ अन्य शुल्क भी वहन करता है। लेकिन सुविधा के नाम पर जीरो है। - जयकरन, यात्री।
डिपो के इंचार्ज से मांग की लेकिन नहीं दिया
हमीरपुर डिपो के कंडक्टर ने बताया कि बीते जनवरी माह में हुए माघ मेला में किट उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद से नहीं मिली है, जबकि कई बार इंचार्ज से मांग कर चुके हैं। - नंदकिशोर, कंडक्टर।
पहली बार इस बस में आए हैं
हमीरपुर डिपो के ही चालक ने बस का बॉक्स खोलकर दिखाया। बॉक्स में मच्छर मार टूटी हुई कॉइल व एक पुराना ट्यूब निकला। चालक सीट के सामने लगा इलेक्ट्रिक मीटर बोर्ड भी टूटा-फूटा मिला। कहा कि पहली बार इस बस में आए हैं।
संदीप, चालक।
उरई डिपो की बस में भी फर्स्ट एड बॉक्स खाली मिला। चालक रामकुमार ने बताया कि उसकी अभी नई जॉइनिंग है। अभी वर्दी भी नहीं मिली है। इंचार्ज से मांग करेंगे। राजकुमार, चालक।
बस परिचालकों को किट उपलब्ध करा दी जाती है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। बसों में दवा किट होना आवश्यक है। इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
-आरपी साहू, एआरएम हमीरपुर
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रोजाना दोनों डिपो से 20-22 हजार यात्री करते आवागमन
यह स्थिति केवल हमीरपुर डिपो तक सीमित नहीं है, बल्कि राठ, महोबा, बांदा, उरई सहित अन्य डिपो की बसों में ऐसे ही हालात देखने को मिलते हैं। परिवहन निगम द्वारा दवा किट केवल चुनाव और कुंभ मेला जैसे विशेष अवसरों पर ही बसों में उपलब्ध कराई जाती हैं। जबकि हमीरपुर डिपो में 81 बसें और राठ डिपो में 106 बसों का बेड़ा है। रोजाना दोनों डिपो से 20-22 हजार यात्री आवागमन करते हैं।
फर्स्ट एड बॉक्स पर होती ये दवाएं
नई किट में सामान्य बीमारियों जैसे उल्टी-दस्त, बुखार व ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ चोट के इलाज के लिए बीटाडीन, पट्टी और बैंडेज शामिल होते हैं, लेकिन नियमित संचालन के दौरान इनका अभाव बना रहता है। सवाल यह है कि यदि आपात स्थिति में बस में सवार किसी यात्री की तबीयत बिगड़ जाती है तो उसे मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे मिलेगा।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
कबरई से आया हूं और कानपुर जा रहे हैं। सरकार की व्यवस्था है, चालक-कंडक्टर क्या करें। अधिकारियों को देखना चाहिए। प्राथमिक उपचार के नाम पर कोई सुविधा नहीं है। - सियाराम, यात्री।
सुविधाओं पर नहीं देते ध्यान
परिवहन निगम की बसों में यह सुविधा होनी चाहिए। जबकि यात्री किराए के साथ-साथ अन्य शुल्क भी वहन करता है। लेकिन सुविधा के नाम पर जीरो है। - जयकरन, यात्री।
डिपो के इंचार्ज से मांग की लेकिन नहीं दिया
हमीरपुर डिपो के कंडक्टर ने बताया कि बीते जनवरी माह में हुए माघ मेला में किट उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद से नहीं मिली है, जबकि कई बार इंचार्ज से मांग कर चुके हैं। - नंदकिशोर, कंडक्टर।
पहली बार इस बस में आए हैं
हमीरपुर डिपो के ही चालक ने बस का बॉक्स खोलकर दिखाया। बॉक्स में मच्छर मार टूटी हुई कॉइल व एक पुराना ट्यूब निकला। चालक सीट के सामने लगा इलेक्ट्रिक मीटर बोर्ड भी टूटा-फूटा मिला। कहा कि पहली बार इस बस में आए हैं।
संदीप, चालक।
उरई डिपो की बस में भी फर्स्ट एड बॉक्स खाली मिला। चालक रामकुमार ने बताया कि उसकी अभी नई जॉइनिंग है। अभी वर्दी भी नहीं मिली है। इंचार्ज से मांग करेंगे। राजकुमार, चालक।
बस परिचालकों को किट उपलब्ध करा दी जाती है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। बसों में दवा किट होना आवश्यक है। इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
-आरपी साहू, एआरएम हमीरपुर

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद

फोटो 29 एचएएमपी 10- उरई डिपो बस का खाली फर्स्ट एड बॉक्स। संवाद