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Hamirpur News: उपभोक्ता आयोग के आदेश पर एसबीआई लौटाएगा 2.40 लाख रुपये
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= मृतक की पत्नी ने आयोग में दायर किया था वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पति की मौत के बाद उनके वाहन ऋण की वसूली मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने एसबीआई की ऋण वसूली को अनुचित ठहराते हुए 12 किस्तों में वसूला गया 2.40 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक शहर के मोहल्ला रानी लक्ष्मीबाई पार्क निवासी शकुंतला ने जिला उपभोक्ता आयोग में एसबीआई की मुख्य शाखा के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में बताया कि उनके पति मिघवा उर्फ मेघराज प्रजापति जिला पंचायत हमीरपुर में लेखाकार पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 2015 में वाहन खरीदने के लिए बैंक से करीब 12 लाख रुपये का ऋण लिया था। पति की मृत्यु एक मई 2021 को कोरोना संक्रमण से हो गई। पति की मौत के बाद बैंक ने वाहन ऋण की वसूली के लिए उनके नाम नोटिस जारी किया। 18 अगस्त 2021 को नो-ड्यूज प्रमाणपत्र भी जारी किया। इसके बावजूद बाद में बैंक ने ऋण खाते में करीब 3.45 लाख रुपये बकाया दर्शाते हुए आठ दिसंबर 2022 को वसूली नोटिस जारी कर दिया। बचत खाते से ऋण खाते में 20-20 हजार रुपये की 12 किस्तों में 2.40 लाख रुपये जमा कर लिए। इस पर मृतक की पत्नी ने आयोग में शिकायत की।
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बैंक के दस्तावेजों और लेजर को माना अहम साक्ष्य
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा, सदस्य राम प्रताप व स्वर्णलता जायसवाल ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ बैंक खातों के लेजर, ऋण संबंधी दस्तावेज, नो-ड्यूज प्रमाणपत्र, वाहन के कागजात और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। आयोग ने माना कि पति की मृत्यु के बाद ऋण और वाहन से संबंधित स्थिति स्पष्ट किए बिना महिला के खाते से रकम काटना उचित नहीं था। इसके बाद आयोग ने फैसला सुनाया।
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45 दिन में लौटानी होगी रकम
आयोग ने 28 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया। आयोग ने बैंक को आदेश दिया कि महिला के बचत खाते से ऋण खाते में अंतरित की गई 2.40 लाख रुपये की रकम 45 दिन के भीतर नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज समेत वापस की जाए। महिला को मानसिक कष्ट के लिए पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये भी दिलाए जाने का आदेश दिया है।
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वसूली नोटिस किए निरस्त
बैंक की ओर से जारी 8 दिसंबर 2022 और 16 जनवरी 2023 के वसूली नोटिस भी निरस्त कर दिए। इसके अलावा बैंक को वाहन यूपी 91 के 0959 के विरुद्ध उपसंभागीय परिवहन कार्यालय हमीरपुर में दर्ज आपत्ति वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पति की मौत के बाद उनके वाहन ऋण की वसूली मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने एसबीआई की ऋण वसूली को अनुचित ठहराते हुए 12 किस्तों में वसूला गया 2.40 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक शहर के मोहल्ला रानी लक्ष्मीबाई पार्क निवासी शकुंतला ने जिला उपभोक्ता आयोग में एसबीआई की मुख्य शाखा के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में बताया कि उनके पति मिघवा उर्फ मेघराज प्रजापति जिला पंचायत हमीरपुर में लेखाकार पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 2015 में वाहन खरीदने के लिए बैंक से करीब 12 लाख रुपये का ऋण लिया था। पति की मृत्यु एक मई 2021 को कोरोना संक्रमण से हो गई। पति की मौत के बाद बैंक ने वाहन ऋण की वसूली के लिए उनके नाम नोटिस जारी किया। 18 अगस्त 2021 को नो-ड्यूज प्रमाणपत्र भी जारी किया। इसके बावजूद बाद में बैंक ने ऋण खाते में करीब 3.45 लाख रुपये बकाया दर्शाते हुए आठ दिसंबर 2022 को वसूली नोटिस जारी कर दिया। बचत खाते से ऋण खाते में 20-20 हजार रुपये की 12 किस्तों में 2.40 लाख रुपये जमा कर लिए। इस पर मृतक की पत्नी ने आयोग में शिकायत की।
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बैंक के दस्तावेजों और लेजर को माना अहम साक्ष्य
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा, सदस्य राम प्रताप व स्वर्णलता जायसवाल ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ बैंक खातों के लेजर, ऋण संबंधी दस्तावेज, नो-ड्यूज प्रमाणपत्र, वाहन के कागजात और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। आयोग ने माना कि पति की मृत्यु के बाद ऋण और वाहन से संबंधित स्थिति स्पष्ट किए बिना महिला के खाते से रकम काटना उचित नहीं था। इसके बाद आयोग ने फैसला सुनाया।
45 दिन में लौटानी होगी रकम
आयोग ने 28 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया। आयोग ने बैंक को आदेश दिया कि महिला के बचत खाते से ऋण खाते में अंतरित की गई 2.40 लाख रुपये की रकम 45 दिन के भीतर नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज समेत वापस की जाए। महिला को मानसिक कष्ट के लिए पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये भी दिलाए जाने का आदेश दिया है।
वसूली नोटिस किए निरस्त
बैंक की ओर से जारी 8 दिसंबर 2022 और 16 जनवरी 2023 के वसूली नोटिस भी निरस्त कर दिए। इसके अलावा बैंक को वाहन यूपी 91 के 0959 के विरुद्ध उपसंभागीय परिवहन कार्यालय हमीरपुर में दर्ज आपत्ति वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।