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Hapur News: ब्रजघाट में बढ़ा गंगा का जलस्तर, अस्थायी घाट जलमग्न
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ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूबे अस्थायी घाट। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ खादर और ब्रजघाट स्थित गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से क्षेत्र में हलचल मच गई है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा के बहाव में तेजी आई है। जलस्तर में करीब 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे नदी का बहाव भी तेज हो गया है।
जलस्तर बढ़ने का सीधा असर ब्रजघाट के अस्थायी घाटों पर देखने को मिला। गंगा किनारे बनाए गए कई अस्थायी घाट तेज बहाव के चलते जलमग्न हो गए हैं। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, हालांकि अभी किसी प्रकार के खतरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, गंगा किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर व्यवसाय करने वाले अस्थायी दुकानदारों ने भी सतर्कता बरतते हुए अपनी दुकानों को हटा लिया है।
इसके अलावा जलस्तर कम होने के दौरान गंगा के बीच में बने रेतीले टापू भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिस कारण उन पर बनाए गए अस्थायी घाट भी हटाए जा चुके हैं। दुकानदारों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में इस तरह की स्थिति बनती है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान से बचा जा सके।
एसडीएम श्रीराम का कहना है कि क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में है। खतरे की कोई संभावना नहीं है। फिर भी जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
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जलस्तर बढ़ने का सीधा असर ब्रजघाट के अस्थायी घाटों पर देखने को मिला। गंगा किनारे बनाए गए कई अस्थायी घाट तेज बहाव के चलते जलमग्न हो गए हैं। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, हालांकि अभी किसी प्रकार के खतरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, गंगा किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर व्यवसाय करने वाले अस्थायी दुकानदारों ने भी सतर्कता बरतते हुए अपनी दुकानों को हटा लिया है।
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इसके अलावा जलस्तर कम होने के दौरान गंगा के बीच में बने रेतीले टापू भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिस कारण उन पर बनाए गए अस्थायी घाट भी हटाए जा चुके हैं। दुकानदारों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में इस तरह की स्थिति बनती है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान से बचा जा सके।
एसडीएम श्रीराम का कहना है कि क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में है। खतरे की कोई संभावना नहीं है। फिर भी जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।