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Hapur News: पालिका ने नियम विरुद्ध छोड़ा टेंडर, सरकारी धन के दुरुपयोग की दो हफ्ते में होगी जांच
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हापुड़। नगर पालिका की ओर से 105 स्थानों पर करीब 35 हजार रुपये की कीमत से नियम विरुद्ध शिलान्यास बोर्ड (स्टील बोर्ड) लगाने का टेंडर जारी करने के मामले में डीएम अभिषेक पांडेय ने सरकारी धन के दुरुपयोग पर शासन को रिपोर्ट भेजी है। मामले में दो सप्ताह में जांच पूरी कराकर शासन स्तर से तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदार ने हाईकोर्ट में भी रिट दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है। हालांकि दो सप्ताह में जांच कराकर ठेकेदार को उसकी कॉपी देनी होगी।
बता दें कि निर्माण कार्यों के प्रत्येक टेंडर में ही मौके पर शिलान्यास का पत्थर लगाने के लिए 12 हजार रुपये तय किए गए हैं। इस धनराशि को टेंडर के साथ शामिल किया जाता है। इसके बाद भी पालिका अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर करीब सवा साल पहले मारूफ अली की प्रधान कंस्ट्रक्शन को करीब 35 हजार रुपये प्रति बोर्ड के अनुसार 105 स्थानों पर स्टील बोर्ड लगाने के लिए टेंडर दिया। करीब 37 लाख रुपये के टेंडर की स्वीकृति बोर्ड से भी दिखाई गई।
इस मामले में एक व्यक्ति ने करीब पांच माह पहले डीएम अभिषेक पांडेय से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पांच लाख रुपये के टेंडर कार्य में अलग से 35 हजार रुपये का बोर्ड लगाया गया। इसी प्रकार ठेकेदार ने अन्य जगहों पर बोर्ड लगाए हैं। मामले में डीएम ने पालिका से फाइल मंगवाई और भुगतान पर रोक लगा दी।
कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार यह टेंडर वर्तमान एसडीएम धौलाना व तत्कालीन अधिशासी अधिकारी का चार्ज देख रहे मनोज कुमार के समय हुआ था। मामले में पालिका के निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वहीं, फर्म का ठेकेदार पालिका के एक जनप्रतिनिधि के गांव से बताया जा रहा है। दबाव के चलते ही टेंडर को बोर्ड से भी स्वीकृत कराने की बात सामने आई है। इस मामले में सरकारी धन के बड़े दुरुपयोग का मामला भी सामने आया है। जानकारी के बाद भी निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने इस प्रकार से टेंडर प्रक्रिया की। इस मामले में अब कार्रवाई की तैयारी है।
जिलाधिकारी ने शासन को भेजी है रिपोर्ट
मामले में जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। शासन स्तर से ही जांच के बाद कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट ने रिट को खारिज कर दिया है। मामले की जांच कराकर ठेकेदार को इसकी कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। ठेकेदार को अभी किसी प्रकार का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा।
- संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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बता दें कि निर्माण कार्यों के प्रत्येक टेंडर में ही मौके पर शिलान्यास का पत्थर लगाने के लिए 12 हजार रुपये तय किए गए हैं। इस धनराशि को टेंडर के साथ शामिल किया जाता है। इसके बाद भी पालिका अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर करीब सवा साल पहले मारूफ अली की प्रधान कंस्ट्रक्शन को करीब 35 हजार रुपये प्रति बोर्ड के अनुसार 105 स्थानों पर स्टील बोर्ड लगाने के लिए टेंडर दिया। करीब 37 लाख रुपये के टेंडर की स्वीकृति बोर्ड से भी दिखाई गई।
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इस मामले में एक व्यक्ति ने करीब पांच माह पहले डीएम अभिषेक पांडेय से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पांच लाख रुपये के टेंडर कार्य में अलग से 35 हजार रुपये का बोर्ड लगाया गया। इसी प्रकार ठेकेदार ने अन्य जगहों पर बोर्ड लगाए हैं। मामले में डीएम ने पालिका से फाइल मंगवाई और भुगतान पर रोक लगा दी।
कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार यह टेंडर वर्तमान एसडीएम धौलाना व तत्कालीन अधिशासी अधिकारी का चार्ज देख रहे मनोज कुमार के समय हुआ था। मामले में पालिका के निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वहीं, फर्म का ठेकेदार पालिका के एक जनप्रतिनिधि के गांव से बताया जा रहा है। दबाव के चलते ही टेंडर को बोर्ड से भी स्वीकृत कराने की बात सामने आई है। इस मामले में सरकारी धन के बड़े दुरुपयोग का मामला भी सामने आया है। जानकारी के बाद भी निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने इस प्रकार से टेंडर प्रक्रिया की। इस मामले में अब कार्रवाई की तैयारी है।
जिलाधिकारी ने शासन को भेजी है रिपोर्ट
मामले में जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। शासन स्तर से ही जांच के बाद कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट ने रिट को खारिज कर दिया है। मामले की जांच कराकर ठेकेदार को इसकी कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। ठेकेदार को अभी किसी प्रकार का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा।
- संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
