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Hardoi News: विज्ञान की शिक्षिका पढ़ातीं अंग्रेजी तो शिक्षा शास्त्र के विशेषज्ञ गणित
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फोटो-14-जीजीआइसी पाली में पढ़ाई करती छात्राएं। संवाद
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हरदोई। राजकीय इंटर कॉलेजों में शिक्षक शिक्षिकाओं की कमी पढ़ाई में बाधा बन रही है। एक तो विद्यार्थियों की संख्या कम है और उस पर सभी विषयों के शिक्षक शिक्षिकाएं भी नहीं हैं। हाल यह है कि शिक्षा शास्त्र की अध्यापिकाएं राजकीय इंटर कॉलेजों में गणित पढ़ा रही हैं, तो विज्ञान की शिक्षिकाएं अंग्रेजी का ज्ञान देने में लगी हैं। जिले में एक भी ऐसा राजकीय इंटर कॉलेज या राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नहीं है, जहां शिक्षक शिक्षिकाओं के पद पर शत-प्रतिशत तैनाती हो। आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। पेश है एक रिपोर्ट
केस-1
पाली में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। यहां 209 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बावजूद इसके सिर्फ तीन शिक्षिकाओं की तैनाती है। हिंदी, अंग्रेजी और शिक्षा शास्त्र के ही शिक्षक यहां हैं। हाईस्कूल के गणित के विद्यार्थियों को शिक्षा शास्त्र की अध्यापिका पढ़ाती हैं। इसी तरह अंग्रेजी की शिक्षिका विज्ञान पढ़ाती हैं।
केस-2
बिलग्राम में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। 147 छात्राएं यहां पढ़ती हैं। प्रधानाचार्या ममता कनौजिया बताती हैं कि इंटर वर्ग में सिर्फ गणित की प्रवक्ता हैं। भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। अंग्रेजी के लिए पूरे विद्यालय में कोई शिक्षक ही नहीं है। एलटी ग्रेड में विज्ञान के दो, हिंदी और उर्दू के एक एक अध्यापक हैं। प्रधानाचार्या बताती हैं कि विज्ञान की शिक्षिका अंग्रेजी की कक्षाएं लेती हैं। विद्यालय परिसर का आलम यह है कि यहां जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इसके कारण यहां पानी भी भरा रहता है।
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केस-3
पिहानी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 240 छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां एलटी ग्रेड में जीव विज्ञान, उर्दू, अंग्रेजी और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक तैनात हैं। हिंदी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, चित्रकला, गृहविज्ञान और संस्कृत के एलटी ग्रेड के अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। गणित, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास, शिक्षा शास्त्र, समाज शास्त्र, नागरिक शास्त्र प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
वर्जन
विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। अभिभावक संघ के माध्यम से शिक्षक रखे जा रहे हैं। विद्यालयों में संसाधन के लिए सभी विद्यालयों को प्रोजेक्ट अलंकार में शामिल कराया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव की जांच लोक निर्माण विभाग से कराई जा रही है। -
डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक
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केस-1
पाली में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। यहां 209 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बावजूद इसके सिर्फ तीन शिक्षिकाओं की तैनाती है। हिंदी, अंग्रेजी और शिक्षा शास्त्र के ही शिक्षक यहां हैं। हाईस्कूल के गणित के विद्यार्थियों को शिक्षा शास्त्र की अध्यापिका पढ़ाती हैं। इसी तरह अंग्रेजी की शिक्षिका विज्ञान पढ़ाती हैं।
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केस-2
बिलग्राम में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। 147 छात्राएं यहां पढ़ती हैं। प्रधानाचार्या ममता कनौजिया बताती हैं कि इंटर वर्ग में सिर्फ गणित की प्रवक्ता हैं। भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। अंग्रेजी के लिए पूरे विद्यालय में कोई शिक्षक ही नहीं है। एलटी ग्रेड में विज्ञान के दो, हिंदी और उर्दू के एक एक अध्यापक हैं। प्रधानाचार्या बताती हैं कि विज्ञान की शिक्षिका अंग्रेजी की कक्षाएं लेती हैं। विद्यालय परिसर का आलम यह है कि यहां जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इसके कारण यहां पानी भी भरा रहता है।
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केस-3
पिहानी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 240 छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां एलटी ग्रेड में जीव विज्ञान, उर्दू, अंग्रेजी और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक तैनात हैं। हिंदी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, चित्रकला, गृहविज्ञान और संस्कृत के एलटी ग्रेड के अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। गणित, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास, शिक्षा शास्त्र, समाज शास्त्र, नागरिक शास्त्र प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
वर्जन
विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। अभिभावक संघ के माध्यम से शिक्षक रखे जा रहे हैं। विद्यालयों में संसाधन के लिए सभी विद्यालयों को प्रोजेक्ट अलंकार में शामिल कराया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव की जांच लोक निर्माण विभाग से कराई जा रही है। -
डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक

फोटो-14-जीजीआइसी पाली में पढ़ाई करती छात्राएं। संवाद