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Hardoi News: 28 साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को तीन-तीन साल की सजा
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हरदोई। गंभीर चोट पहुंचाने के 28 साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को दोषी करार दिया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट संख्या-2) सचिन वर्मा ने अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पाली थाना थाना क्षेत्र के मझोला गांव निवासी कल्लू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि 13 मार्च 1998 को अपने घर से होली मिलने लोनार कोतवाली क्षेत्र के भैलामऊ जा रहा था। रास्ते में गांव के विजय वर्मा अपने भाई वीरपाल व कल्लू और गांव के ही राजेंद्र आ गए। यह लोग गाली-गलौज करने लगे। इस पर उसने मौके से भागने की कोशिश की। दावा है कि जान से मारने की नीयत से विजय वर्मा ने उस पर फायर कर दिया। आरोपियों ने उसकी पिटाई की। फायर की आवाज सुनकर कई लोग मौके पर आ गए तो आरोपी भाग गए। विवेचना के दौरान राजेंद्र का नाम निकाल दिया गया। तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने और पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा सुनाई।
अभियुक्तों ने भयमुक्त समाज पर किया आघात ...
एसीजेएम सचिन वर्मा ने फैसला सुनाते समय तल्ख टिप्पणी की। आदेश में लिखा कि जमीन की रंजिश के कारण आरोपियों ने असलहे का प्रयोग कर वादी को चोट पहुंचाई है। मेडिकल में वादी के शरीर में छर्रा होना पाया गया। घटना अपराध, कानून और शासन को चुनौती है। साथ ही भयमुक्त समाज पर आघात है। उन्होंने अपराध को अत्यंत गंभीर प्रकृति का बताते हुए सजा सुनाई।
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पाली थाना थाना क्षेत्र के मझोला गांव निवासी कल्लू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि 13 मार्च 1998 को अपने घर से होली मिलने लोनार कोतवाली क्षेत्र के भैलामऊ जा रहा था। रास्ते में गांव के विजय वर्मा अपने भाई वीरपाल व कल्लू और गांव के ही राजेंद्र आ गए। यह लोग गाली-गलौज करने लगे। इस पर उसने मौके से भागने की कोशिश की। दावा है कि जान से मारने की नीयत से विजय वर्मा ने उस पर फायर कर दिया। आरोपियों ने उसकी पिटाई की। फायर की आवाज सुनकर कई लोग मौके पर आ गए तो आरोपी भाग गए। विवेचना के दौरान राजेंद्र का नाम निकाल दिया गया। तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने और पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा सुनाई।
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एसीजेएम सचिन वर्मा ने फैसला सुनाते समय तल्ख टिप्पणी की। आदेश में लिखा कि जमीन की रंजिश के कारण आरोपियों ने असलहे का प्रयोग कर वादी को चोट पहुंचाई है। मेडिकल में वादी के शरीर में छर्रा होना पाया गया। घटना अपराध, कानून और शासन को चुनौती है। साथ ही भयमुक्त समाज पर आघात है। उन्होंने अपराध को अत्यंत गंभीर प्रकृति का बताते हुए सजा सुनाई।