Hathras: बजट के इंतजार में अटकीं क्रिटिकल केयर यूनिट सांसें, ‘आईसीयू’ में आ रही नजर, अक्तूबर से रुका है कार्य
हाथरस जिला अस्पताल परिसर में बन रही इस क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य अक्तूबर महीने से अटका है। बजट के अभाव में ठेकेदार ने काम रोक दिया है।
विस्तार
हाथरस जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट खुद ‘आईसीयू’ में नजर आ रही है। शासन से बजट की अगली किश्त जारी न होने के कारण पिछले तीन महीनों से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। जिस अस्पताल को पिछले साल ही जनता के लिए खुल जाना चाहिए था, वह आज भी अधूरा खड़ा है।
यहां हर बेड पर वेंटिलेटर व अन्य आधुनिक सुविधाएं एक छत के नीचे दी जानी हैं, जिससे रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में भारी कमी आएगी। जिला अस्पताल परिसर में बन रही इस क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य अक्तूबर महीने से अटका है। बजट के अभाव में ठेकेदार ने काम रोक दिया है। इस अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी यूपी सिडको पर है। मई 2024 में इसका निर्माण शुरू हुआ था, जोकि 31 मई 2025 तक पूर्ण होना था। प्रारंभ से ही निर्माण कार्य की रफ्तार सुस्त रही। 16 फरवरी 2025 को खुद यूपी सिडको के चेयरमैन वाईपी सिंह ने निर्माणाधीन सेंटर का दौरा किया था।
बजट रिलीज करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है।-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
लागत 17.98 करोड़, मिली सिर्फ आधी रकम
इस आधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए कुल 17.98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन विडंबना देखिए कि अब तक केवल 8.87 करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए गए हैं। बजट के अभाव में निर्माण की गति ऐसी थमी कि अभी तक केवल 68 फीसदी कार्य ही पूरा हो सका है।
समय सीमा बीतने के सात माह बाद भी काम अधूरा
इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना की समय सीमा पिछले साल मई में ही समाप्त हो चुकी है। इस तरह यह प्रोजेक्ट अपनी तय अवधि से करीब सात महीने पीछे चल रहा है। यदि समय पर बजट मिल गया होता, तो आज जिले के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए आगरा या अलीगढ़ की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। यहीं दुर्घटना में गंभीर घायल, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक व अन्य गंभीर ऑपरेशन वाले मरीजों को आज भी रेफर किया जा रहा है।
शासन में किया जा रहा पत्राचार
अवशेष धनराशि जारी कराने के लिए शासन से सितंबर के आखिर से पत्राचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल से 29 सितंबर को उपभोग प्रमाणपत्र प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ एवं परिवार कल्याण को भेजा गया था। इसके बाद निर्माण की समय सीमा बढ़ाने के लिए भी अपर मुख्य सचिव को लिखा गया। एमडी एनएचएम ने भी प्रकरण में हस्तक्षेप किया है। 23 दिसंबर को डीएम ने भी अवशेष धनराशि 912.07 लाख रुपये अवमुक्त करने के लिए पत्र लिखा था।
परियोजना पर एक नजर
कुल स्वीकृत बजट 17.98 करोड़
अब तक प्राप्त धनराशि 8.87 करोड़
कार्य की प्रगति 68% पूर्ण
निर्धारित समय सीमा मई 2025
काम बंद होने का समय अक्तूबर से
