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Master Plan 2041: सादाबाद-सिकंदराराऊ और गंजडुंडवारा के लिए बनेगा मास्टर प्लान, कवायद शुरू

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 09 Apr 2026 10:53 AM IST
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सार

वर्तमान में ये तीनों निकाय 50 हजार से अधिक की आबादी वाली श्रेणी में आ चुकी हैं। बिना योजना के बढ़ रहे शहरों में अक्सर जाम, जलभराव और अवैध कब्जों की समस्या पैदा हो जाती है। मास्टर प्लान 2041 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब आज से 20 साल बाद आबादी बढ़े, तो लोगों को सुविधाओं के लिए तरसना न पड़े।

Master Plan 2041 for Sadabad-Sikandrarao and Ganjdundwara
सादाबाद नगर पंचायत - फोटो : संवाद
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विस्तार

आने वाले 20 साल में हमारे शहरों की सूरत कैसी होगी? कहां पार्क होंगे, कहां चौड़ी सड़कें और कहां नए बाजार, इन सवालों का जवाब अब ''मास्टर प्लान 2041'' के जरिये मिलने जा रहा है। भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत हाथरस के सादाबाद और सिकंदराराऊ के साथ-साथ कासगंज जिले के गंजडुंडवारा का कायाकल्प करने की तैयारी शुरू हो गई है।

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नगर एवं ग्राम्य नियोजन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस मास्टर प्लान का सबसे बड़ा लक्ष्य 50 हजार से अधिक आबादी वाले इन नगरों को व्यवस्थित ढंग से भविष्य के लिए तैयार करना है। मास्टर प्लान महज एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य के आधुनिक शहरों की नींव है। इसमें अगले दो दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमीन का आरक्षण किया जाएगा।
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तीनों नगर निकायों में विशेष रूप से 80 वर्ग किलोमीटर (8000 हेक्टेयर) के विशाल दायरे में यह प्लान बनाया जा रहा है। महायोजना 2041 में सादाबाद और सादाबाद को शामिल करना इस क्षेत्र के औद्योगिक और रिहायशी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अब इन छोटे शहरों की पहचान भी बड़े महानगरों जैसी सुव्यवस्थित और आधुनिक होगी। इस मास्टर प्लान के लागू होने के बाद बेतरतीब निर्माण पर लगाम लगेगी और शहर का विस्तार वैज्ञानिक पद्धति से होगा। सादाबाद नगर पंचायत बोर्ड से इसके लिए विधिवत अनुमति मांगी गई है।

भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत हाथरस जिले की दो नगर निकायों और कासगंज जिले की एक नगर निकाय को मास्टर प्लान बनाए जाने के लिए चयनित किया गया है। मास्टर प्लान बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।-सुनील कुमार, अपर सांख्यिकी अधिकारी (आगरा)।

कैसा होगा 2041 का खाका

  • आवासीय क्षेत्र : बढ़ती आबादी को देखते हुए व्यवस्थित कॉलोनी और आवास-विकास के लिए जोन निर्धारित होंगे।
  • व्यावसायिक कॉरिडोर : स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए मार्केट कॉम्प्लेक्स और बिजनेस हब की जगह तय होगी।
  • ग्रीन बेल्ट और पार्क : पर्यावरण संरक्षण के लिए ''ग्रीन पार्क'' और फेफड़ों की तरह काम करने वाले वन क्षेत्रों को आरक्षित किया जाएगा।
  • बुनियादी सुविधाएं : स्कूल, अस्पताल, खेल मैदान और ड्रेनेज सिस्टम के लिए मास्टर प्लान में स्पष्ट सीमांकन होगा।


मास्टर प्लान की जरूरत
वर्तमान में ये तीनों निकाय 50 हजार से अधिक की आबादी वाली श्रेणी में आ चुकी हैं। बिना योजना के बढ़ रहे शहरों में अक्सर जाम, जलभराव और अवैध कब्जों की समस्या पैदा हो जाती है। मास्टर प्लान 2041 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब आज से 20 साल बाद आबादी बढ़े, तो लोगों को सुविधाओं के लिए तरसना न पड़े। इसमें सड़क की चौड़ाई से लेकर सार्वजनिक उपयोगिताओं तक की जमीन आज ही फ्रीज कर दी जाएगी।

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