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Hathras News: लापता युवती की हत्या का खुलासा, यक्ष एप से पकड़ा आरोपी
Wed, 15 Jul 2026 02:36 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 15 Jul 2026 02:36 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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पुलिस ने 10 महीने पुराने एक पेचीदा अपहरण व हत्या के मामले का सोमवार को खुलासा कर दिया। युवती की हत्या कर उसका शव नहर में फेंक दिया था। पुलिस को यक्ष एप और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से मुख्य आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।
बुधवार को आरोपी को हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। घटना 23 सितंबर 2025 की है, जब हाथरस जंक्शन के ग्राम सिकंदरपुर निवासी सर्वेश कुमार ने अपनी 17 वर्षीय बेटी अंजली के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
परिजनों ने आशंका जताई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी या ठोस सुराग न मिलने के कारण मामला पूरी तरह ब्लाइंड बना हुआ था।
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मामला काफी समय से लंबित होने के कारण एसपी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नए सिरे से जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने यक्ष एप के जरिये अंजली के मोबाइल डेटा और इंस्टाग्राम संपर्कों का विश्लेषण किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री भी खंगाली गई।
तकनीकी जांच में पुलिस का शक गांव सिकंदरपुर के ही रहने वाले ओमकार (28) पर गहराया। पुलिस ने जब आरोपी ओमकार को हिरासत में लेकर यक्ष एप से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य सामने रखे, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि आरोपी ओमकार ने बताया कि अंजली इंस्टाग्राम पर आंध्र प्रदेश में काम करने वाले एक युवक से बात करती थी। 23 सितंबर को वह उसी से मिलने जा रही थी और उसने ओमकार से केवल रेलवे स्टेशन तक छोड़ने का अनुरोध किया था। रास्ते में ओमकार ने उसे समझाने और घर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।
इस बीच मृतका के परिजनों के फोन लगातार आने लगे। ओमकार को डर हुआ कि यदि युवती घर नहीं पहुंची तो शक उस पर आएगा और वह कानूनी पचड़े में फंस जाएगा। इसी घबराहट और डर में उसने युवती की हत्या कर शव को पास ही नहर में फेंक दिया और फरार हो गया।
हाथ पर बने टैटू से हुई शव की पहचान
आरोपी की निशानदेही पर जब नहर में शव की तलाश कराई गई, तो पुराना मामला होने के कारण शव वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने पुराने अभिलेखों को खंगाला। जांच में सामने आया कि 18 सितंबर 2025 को थाना कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित नहर से एक अज्ञात युवती का शव मिला था, जिसकी पहचान न होने पर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस ने जब उस समय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव के फोटो, शरीर पर बने टैटू और कपड़ों का परिजनों से मिलान कराया, तो उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी अंजली के रूप में की।
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बुधवार को आरोपी को हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। घटना 23 सितंबर 2025 की है, जब हाथरस जंक्शन के ग्राम सिकंदरपुर निवासी सर्वेश कुमार ने अपनी 17 वर्षीय बेटी अंजली के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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परिजनों ने आशंका जताई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी या ठोस सुराग न मिलने के कारण मामला पूरी तरह ब्लाइंड बना हुआ था।
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मामला काफी समय से लंबित होने के कारण एसपी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नए सिरे से जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने यक्ष एप के जरिये अंजली के मोबाइल डेटा और इंस्टाग्राम संपर्कों का विश्लेषण किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री भी खंगाली गई।
तकनीकी जांच में पुलिस का शक गांव सिकंदरपुर के ही रहने वाले ओमकार (28) पर गहराया। पुलिस ने जब आरोपी ओमकार को हिरासत में लेकर यक्ष एप से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य सामने रखे, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि आरोपी ओमकार ने बताया कि अंजली इंस्टाग्राम पर आंध्र प्रदेश में काम करने वाले एक युवक से बात करती थी। 23 सितंबर को वह उसी से मिलने जा रही थी और उसने ओमकार से केवल रेलवे स्टेशन तक छोड़ने का अनुरोध किया था। रास्ते में ओमकार ने उसे समझाने और घर लौटने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।
इस बीच मृतका के परिजनों के फोन लगातार आने लगे। ओमकार को डर हुआ कि यदि युवती घर नहीं पहुंची तो शक उस पर आएगा और वह कानूनी पचड़े में फंस जाएगा। इसी घबराहट और डर में उसने युवती की हत्या कर शव को पास ही नहर में फेंक दिया और फरार हो गया।
हाथ पर बने टैटू से हुई शव की पहचान
आरोपी की निशानदेही पर जब नहर में शव की तलाश कराई गई, तो पुराना मामला होने के कारण शव वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने पुराने अभिलेखों को खंगाला। जांच में सामने आया कि 18 सितंबर 2025 को थाना कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित नहर से एक अज्ञात युवती का शव मिला था, जिसकी पहचान न होने पर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस ने जब उस समय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव के फोटो, शरीर पर बने टैटू और कपड़ों का परिजनों से मिलान कराया, तो उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी अंजली के रूप में की।