Cyber Crime: साइबर फ्रॉड में कोलकाता से बी-वारंट पर लाए गए दो अभियुक्त, साइबर सेल में दर्ज हुई थी दो रिपोर्ट
साइबर पुलिस जब तक इन दोनों को पकड़ती, कोलकाता पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अपने मुकदमे में कोर्ट से साइबर सेल ने बी-वारंट दाखिल कराया था। वहां से रिहा होने पर कोलकाता पुलिस शनिवार की सुबह इन्हें हाथरस के लिए लेकर चली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस जिले में साइबर फ्रॉड करने वाले पश्चिम बंगाल के दो अभियुक्तों को कोलकाता पुलिस ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। साइबर सेल ने दोनों का बी-वारंट लिया था, जिसके बाद कोलकाता जेल से उन्हें यहां लाया गया। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में दोनों को जेल भेजा है। पुलिस इनके बयान दर्ज करेगी। आवश्यका पड़ने पर रिमांड ली जाएगी।
साइबर सेल में 28 सितंबर 2025 को सिकंदराराऊ के मोहम्मद इकराम ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि फेसबुक व व्हाट्सएप के जरिए इकराम से 12.50 लाख रुपये की ठगी हुई थी। फेसबुक पर पहले रेजनश्री आदित्य नाम से फ्रेंड रिक्वस्ट आई। इससे जुड़ने के बाद बातचीत शुरू हुई और सामने से एक व्हाट्सएप नंबर दिया गया। इस नंबर पर एक महिला से बात होती थीं, जिसने रकम दो गुना करने की स्कीम बताई।
मामले में साइबर थाना पुलिस खाता नंबर के जरिए आरोपियों तक पहुंची। इसमें दो लोगों के नाम सामने आए। एक आरोपी तीन महीने पहले जेल जा चुका है। इस मुकदमे में गोष्टो गोपाल शाम निवासी उत्तर 24 परगना रह गया था, जो कि एक फ्रॉड के मामले में कोलकाता जेल में बंद था।
साइबर फ्रॉड के मामले में बी-वारंट पर दोनों अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया गया था। उन्हें अलीगढ़ जेल भेजा गया। पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा।- चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी
ट्रेडिंग के नाम 1.25 करोड़ की हुई थी ठगी
इसी तरह अप्रैल 2025 में ट्रेडिंग के नाम पर फ्रॉड होने पर शहर के व्यापारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआत पांच लाख रुपये जीतने के बाद ट्रेडिंग पर वह करीब 1.24 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। यह पैसा पांच खातों में गया था, जिन्हें पुलिस ने आरोपी बनाया। इनमें एक आरोपी की मौत हो चुकी है। एक आरोपी नेपाल का था। इसके बारे में कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली। इस मामले में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के रहने वाले सत्यवीर के खाते में करीब 10 लाख रुपये गए थे। यह भी कोलकाता जेल में फ्रॉड के मामले में बंद था। इस केस के तीन आरोपियों की अभी तलाश की जा रही है।
दोनों को भेजा जेल
साइबर पुलिस जब तक इन दोनों को पकड़ती, कोलकाता पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अपने मुकदमे में कोर्ट से साइबर सेल ने बी-वारंट दाखिल कराया था। वहां से रिहा होने पर कोलकाता पुलिस शनिवार की सुबह इन्हें हाथरस के लिए लेकर चली। सोमवार को दोनों आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। यहां से जिला अस्पताल में दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और फिर अलीगढ़ जेल में दाखिल किया।