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Jalaun News: होली-रमजान पर घर लौटे लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड
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फोटो-08: आयुष्मान कार्ड बनाते कर्मचारी। संवाद
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उरई। स्वास्थ्य विभाग ने होली और रमजान के अवसर पर आयुष्मान योजना से जोड़ने का अभियान तेज कर दिया है। परदेस से गांव लौटे पात्र परिवारों को लक्ष्य बनाया गया है। जिले में 10,735 ऐसे परिवार चिह्नित हुए हैं, जिनके किसी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है।
विभाग ने त्योहारों के दौरान ही इन परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम प्रभारी डॉ. आशीष कुमार झा ने बताया कि जनपद में 93.1 फीसदी पात्र परिवारों के कार्ड बन चुके हैं। शेष 6.9 फीसदी परिवारों को चिह्नित किया गया है। इनमें अधिकतर विस्थापित परिवार शामिल हैं। इन परिवारों की सूची सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षकों को उपलब्ध कराई गई है। खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हैं। एएनएम, सीएचओ, पंचायत सहायक और कोटेदार भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। अगले 15 दिनों में प्रत्येक चिह्नित परिवार के कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है।
मुफ्त इलाज की सुविधा
इस अभियान का उद्देश्य परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करना है। यह सुविधा जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों को मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रयासरत है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जनपद में 90 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जो 15 अप्रैल तक चलेगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पंचायत सचिवालय और राशन वितरण केंद्रों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं पूर्ति विभाग के जुड़ने से अभियान में तेजी आई है। डीआईयू (जिला कार्यान्वयन इकाई) की ओर से प्रतिदिन प्रगति की निगरानी की जा रही है।
राशन कार्ड धारकों पर विशेष फोकस
चिह्नित परिवारों में 2,141 अंत्योदय राशनकार्ड धारक तथा 6,031 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार शामिल हैं। इनमें छह या अधिक सदस्य वाले परिवार और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनकी अलग सूची पूर्ति विभाग को भी भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे परिवारों की सूची भी तैयार कर रहा है, जिनका नाम आयुष्मान सूची में है, लेकिन विस्थापन के कारण राशन कार्ड से हट गया है। मृतक अथवा विवाहिता पुत्रियों के नाम सूची में होने के कारण शत-प्रतिशत संतृप्ति में बाधा आ रही है। अभियान पूरा होने के बाद संशोधित सूची शासन को भेजी जाएगी।
10 हजार से अधिक कार्ड बने
विशेष अभियान के दौरान अब तक जिले में 10,017 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि पर्व-त्योहार पर घर लौटे पात्र परदेशी अपने और परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, ताकि इलाज के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीएचसी, पंचायत सचिवालय और राशन वितरण केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। आयुष्मान विहीन 10 हजार से अधिक पात्र परिवारों में कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
— डॉ. वीरेंद्र, सीएमओ, जालौन
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विभाग ने त्योहारों के दौरान ही इन परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम प्रभारी डॉ. आशीष कुमार झा ने बताया कि जनपद में 93.1 फीसदी पात्र परिवारों के कार्ड बन चुके हैं। शेष 6.9 फीसदी परिवारों को चिह्नित किया गया है। इनमें अधिकतर विस्थापित परिवार शामिल हैं। इन परिवारों की सूची सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षकों को उपलब्ध कराई गई है। खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हैं। एएनएम, सीएचओ, पंचायत सहायक और कोटेदार भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। अगले 15 दिनों में प्रत्येक चिह्नित परिवार के कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है।
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मुफ्त इलाज की सुविधा
इस अभियान का उद्देश्य परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करना है। यह सुविधा जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों को मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रयासरत है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जनपद में 90 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जो 15 अप्रैल तक चलेगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पंचायत सचिवालय और राशन वितरण केंद्रों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं पूर्ति विभाग के जुड़ने से अभियान में तेजी आई है। डीआईयू (जिला कार्यान्वयन इकाई) की ओर से प्रतिदिन प्रगति की निगरानी की जा रही है।
राशन कार्ड धारकों पर विशेष फोकस
चिह्नित परिवारों में 2,141 अंत्योदय राशनकार्ड धारक तथा 6,031 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार शामिल हैं। इनमें छह या अधिक सदस्य वाले परिवार और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनकी अलग सूची पूर्ति विभाग को भी भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे परिवारों की सूची भी तैयार कर रहा है, जिनका नाम आयुष्मान सूची में है, लेकिन विस्थापन के कारण राशन कार्ड से हट गया है। मृतक अथवा विवाहिता पुत्रियों के नाम सूची में होने के कारण शत-प्रतिशत संतृप्ति में बाधा आ रही है। अभियान पूरा होने के बाद संशोधित सूची शासन को भेजी जाएगी।
10 हजार से अधिक कार्ड बने
विशेष अभियान के दौरान अब तक जिले में 10,017 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि पर्व-त्योहार पर घर लौटे पात्र परदेशी अपने और परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, ताकि इलाज के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीएचसी, पंचायत सचिवालय और राशन वितरण केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। आयुष्मान विहीन 10 हजार से अधिक पात्र परिवारों में कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
— डॉ. वीरेंद्र, सीएमओ, जालौन
