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Jalaun News: तीन माह में उखड़ गया हाईवे, कई जगह गड्ढे तो कहीं धंस गया
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फोटो-34 बिलायां के पास धंसा हाईवे
फोटो-35 पिंडारी मोड़ पर गड्ढों में तब्दील सड़क
फोटो- 36 एट नहर के पास नालीनुमा हुआ हाईवे
प्रतिदिन 20 से 25 लाख की हो रही टोल से वसूली, फिर भी जिम्मेदार अनजान
झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एट से बड़ागांव डामर उखड़ने से गड्ढे ही गड्ढे
संवाद समाचार एजेंसी
उरई। झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एट से बड़ागांव तक का सफर इन दिनों वाहन चालकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बना हुआ है। महज तीन माह पहले मरम्मत के बाद तैयार हुआ हाईवे कई स्थानों पर फिर से धंस गया है। उधर, जिम्मेदारों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के गुजरने से हाईवे का यह हाल हुआ है।
सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क बैठ जाने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि एट टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 20 से 25 लाख रुपये तक की टोल वसूली की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही।
झांसी से उरई की ओर आते समय पिरौना क्षेत्र से ही सड़क की खराब हालत दिखाई देने लगती है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। यदि सड़क की सही तरीके से मरम्मत हुई होती तो कुछ ही महीनों में यह दोबारा खराब नहीं होती। लगातार भारी वाहनों के आवागमन और बरसात से पहले ही सड़क का धंसना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
हाईवे पर प्रतिदिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। कानपुर, झांसी, जालौन, उरई और आसपास के जिलों को जोड़ने वाला यह मार्ग बुंदेलखंड का प्रमुख यातायात मार्ग माना जाता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति न केवल दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है, बल्कि यात्रा समय और ईंधन की खपत भी बढ़ा रही है।
वाहन चालक राधे, जंगबहादुर, शिवराम आदि का कहना है कि टोल वसूली के समय किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाती लेकिन सड़क की हालत देखकर लगता है कि रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित एजेंसी तत्काल सड़क की जांच कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल
सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद उसका दोबारा उखड़ जाना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतनी जल्दी सड़क खराब नहीं होती। अब क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान करेगा।
केस-1 : बिलायां के पास धंस गया हाईवे
बिलायां गांव के निकट हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह धंस गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उखड़ी सतह वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। तेज रफ्तार वाहन यहां पहुंचते ही असंतुलित हो जाते हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरते-गिरते बचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क लगातार बैठती जा रही है लेकिन जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहा।
केस-2 : पिंडारी मोड़ पर जानलेवा हुआ हाईवे
पिंडारी मोड़ के पास सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। मोड़ होने के कारण यह स्थान पहले से ही संवेदनशील माना जाता है लेकिन अब यहां बने गड्ढों ने खतरे को और बढ़ा दिया है। भारी वाहन गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों के लिए दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। रात के समय यह हिस्सा सबसे अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है।
केस-3 : एट नहर के पास नालीनुमा हुआ हाईवे
एट नहर के समीप हाईवे बीच से धंसकर नालीनुमा हो गया है। सड़क पर लंबी और गहरी पट्टी बन जाने से वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क और अधिक दब रही है। बरसात शुरू होने के बाद यहां पानी भरने की आशंका है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
वर्जन
हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की गुजरने से सड़क की यह स्थिति हो गई है। टेंडर लगा है स्वीकृति मिलते ही जल्द ही दोबारा इसका निर्माण कराया जाएगा। इससे वाहन चालकों को किसी प्रकार की समस्या न हो।- कुलदीप साहू, सहायक परियोजना प्रबंधक, पार्थ इंडिया लिमिटेड।
फोटो-35 पिंडारी मोड़ पर गड्ढों में तब्दील सड़क
फोटो- 36 एट नहर के पास नालीनुमा हुआ हाईवे
प्रतिदिन 20 से 25 लाख की हो रही टोल से वसूली, फिर भी जिम्मेदार अनजान
झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एट से बड़ागांव डामर उखड़ने से गड्ढे ही गड्ढे
संवाद समाचार एजेंसी
उरई। झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एट से बड़ागांव तक का सफर इन दिनों वाहन चालकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बना हुआ है। महज तीन माह पहले मरम्मत के बाद तैयार हुआ हाईवे कई स्थानों पर फिर से धंस गया है। उधर, जिम्मेदारों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के गुजरने से हाईवे का यह हाल हुआ है।
सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क बैठ जाने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि एट टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 20 से 25 लाख रुपये तक की टोल वसूली की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही।
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झांसी से उरई की ओर आते समय पिरौना क्षेत्र से ही सड़क की खराब हालत दिखाई देने लगती है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। यदि सड़क की सही तरीके से मरम्मत हुई होती तो कुछ ही महीनों में यह दोबारा खराब नहीं होती। लगातार भारी वाहनों के आवागमन और बरसात से पहले ही सड़क का धंसना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
हाईवे पर प्रतिदिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। कानपुर, झांसी, जालौन, उरई और आसपास के जिलों को जोड़ने वाला यह मार्ग बुंदेलखंड का प्रमुख यातायात मार्ग माना जाता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति न केवल दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है, बल्कि यात्रा समय और ईंधन की खपत भी बढ़ा रही है।
वाहन चालक राधे, जंगबहादुर, शिवराम आदि का कहना है कि टोल वसूली के समय किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाती लेकिन सड़क की हालत देखकर लगता है कि रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित एजेंसी तत्काल सड़क की जांच कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल
सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद उसका दोबारा उखड़ जाना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतनी जल्दी सड़क खराब नहीं होती। अब क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान करेगा।
केस-1 : बिलायां के पास धंस गया हाईवे
बिलायां गांव के निकट हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह धंस गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उखड़ी सतह वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। तेज रफ्तार वाहन यहां पहुंचते ही असंतुलित हो जाते हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरते-गिरते बचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क लगातार बैठती जा रही है लेकिन जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहा।
केस-2 : पिंडारी मोड़ पर जानलेवा हुआ हाईवे
पिंडारी मोड़ के पास सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। मोड़ होने के कारण यह स्थान पहले से ही संवेदनशील माना जाता है लेकिन अब यहां बने गड्ढों ने खतरे को और बढ़ा दिया है। भारी वाहन गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों के लिए दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। रात के समय यह हिस्सा सबसे अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है।
केस-3 : एट नहर के पास नालीनुमा हुआ हाईवे
एट नहर के समीप हाईवे बीच से धंसकर नालीनुमा हो गया है। सड़क पर लंबी और गहरी पट्टी बन जाने से वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क और अधिक दब रही है। बरसात शुरू होने के बाद यहां पानी भरने की आशंका है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
वर्जन
हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की गुजरने से सड़क की यह स्थिति हो गई है। टेंडर लगा है स्वीकृति मिलते ही जल्द ही दोबारा इसका निर्माण कराया जाएगा। इससे वाहन चालकों को किसी प्रकार की समस्या न हो।- कुलदीप साहू, सहायक परियोजना प्रबंधक, पार्थ इंडिया लिमिटेड।