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Jhansi News: तापते समय कपड़ों में आग लगने से सेवानिवृत्त शिक्षिका की मौत
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झांसी। कोतवाली के बंगला घाट स्थित हजरयाना मोहल्ले निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका प्रेमलता मिश्रा (80) तापते समय कपड़ों में आग लगने की वजह से गंभीर रूप से झुलस गईं। पड़ोसियों ने उनको मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार सुबह उनकी मौत हो गई।
प्रेमलता मिश्रा (80) पत्नी किशनलाल मिश्रा पिछोर स्थित एक सरकारी विद्यालय में पढ़ाती थीं। 20 साल पहले वह सेवानिवृत्त हो चुकी थीं। दंपती को कोई संतान नहीं थी। दस साल पहले पति किशनलाल की भी मौत हो चुकी है। पड़ोसियों का कहना है कि प्रेमलता से परिवार का कोई सदस्य संबंध नहीं रखता था। मायके से भी कोई आता-जाता नहीं था। पिछले दस साल से प्रेमलता घर में अकेले रहती थीं। घरेलू काम के लिए सहायिका रखी थीं। शनिवार रात लगभग 11:30 बजे वह कमरे में हीटर के पास बैठी थीं। इसी दौरान उनके कपड़ों में अचानक आग लग गई।
प्रेमलता मदद के लिए चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। यहां प्रेमलता आग से घिरी हुई थीं। किसी तरह आग बुझाकर पड़ोसी उनको लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे। उनको बर्न वार्ड में भर्ती कर लिया गया। यहां उनकी हालत नाजुक थी। रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। कोतवाल विद्यासागर सिंह के मुताबिक गंभीर रूप से झुलस जाने से उनकी मौत हुई।
मौत की खबर मिलने पर भी नहीं आए परिजन
रविवार सुबह प्रेमलता के दम तोड़ने के बाद पड़ोसियों ने उनके भाई समेत अन्य परिजनों को सूचना दी। इसके बाद भी परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद भी जब परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा, तब मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में उनके शव का पोस्टमार्टम कराना पड़ा। पड़ोसी ही अंतिम संस्कार करने के लिए उनका शव लेकर गए।
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प्रेमलता मिश्रा (80) पत्नी किशनलाल मिश्रा पिछोर स्थित एक सरकारी विद्यालय में पढ़ाती थीं। 20 साल पहले वह सेवानिवृत्त हो चुकी थीं। दंपती को कोई संतान नहीं थी। दस साल पहले पति किशनलाल की भी मौत हो चुकी है। पड़ोसियों का कहना है कि प्रेमलता से परिवार का कोई सदस्य संबंध नहीं रखता था। मायके से भी कोई आता-जाता नहीं था। पिछले दस साल से प्रेमलता घर में अकेले रहती थीं। घरेलू काम के लिए सहायिका रखी थीं। शनिवार रात लगभग 11:30 बजे वह कमरे में हीटर के पास बैठी थीं। इसी दौरान उनके कपड़ों में अचानक आग लग गई।
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प्रेमलता मदद के लिए चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। यहां प्रेमलता आग से घिरी हुई थीं। किसी तरह आग बुझाकर पड़ोसी उनको लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे। उनको बर्न वार्ड में भर्ती कर लिया गया। यहां उनकी हालत नाजुक थी। रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। कोतवाल विद्यासागर सिंह के मुताबिक गंभीर रूप से झुलस जाने से उनकी मौत हुई।
मौत की खबर मिलने पर भी नहीं आए परिजन
रविवार सुबह प्रेमलता के दम तोड़ने के बाद पड़ोसियों ने उनके भाई समेत अन्य परिजनों को सूचना दी। इसके बाद भी परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद भी जब परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा, तब मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में उनके शव का पोस्टमार्टम कराना पड़ा। पड़ोसी ही अंतिम संस्कार करने के लिए उनका शव लेकर गए।