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Kannauj News: नसबंदी के नाम पर डॉक्टरों ने कर दिया गलत ऑपरेशन
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ठठिया। महिला ने नसबंदी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन करने व अभद्रता का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दो डॉक्टरों व आशा बहू पर प्राथमिकी दर्ज की है।
थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 24 नवंबर 2025 को गांव निवासी आशा वर्कर ममता नसबंदी के ऑपरेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा लेकर गईं। सीएचसी में तैनात डॉ. राजन शर्मा ने जिला अस्पताल से डॉ. मो. शरीफ को बुलवाया और उसी दिन शाम को दूरबीन विधि के पेट में चीरा लगाकर ऑपरेशन कर दिया। उसे पांच टांके लगाए गए।
पीड़िता का आरोप है कि नाै दिसंबर 2025 को जब वह पति के साथ नसबंदी का प्रमाणपत्र लेने पहुंचीं तो डॉक्टरों ने टालमटोल की। कहा कि उनका कोई ऑपरेशन हुआ ही नहीं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद दाहिने हाथ में सुन्नता आ गई और पेट में गांठ बन गई जिसमें लगातार दर्द बना रहता है। डॉक्टर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आशा कार्यकर्ता ममता, डॉ. मो. शरीफ और अधीक्षक डॉ. राजन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व जातिसूचक की धाराओं में प्राथमिकी दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि महिला को ऑपरेशन के बाद जानकारी दी गई थी कि ऑपरेशन सफल नहीं हुआ है। डॉ. शरीफ ने भी महिला को इस संबंध में बता दिया था। महिला के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। थानाध्यक्ष देवेश पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह को सौंपी गई है।
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थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 24 नवंबर 2025 को गांव निवासी आशा वर्कर ममता नसबंदी के ऑपरेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा लेकर गईं। सीएचसी में तैनात डॉ. राजन शर्मा ने जिला अस्पताल से डॉ. मो. शरीफ को बुलवाया और उसी दिन शाम को दूरबीन विधि के पेट में चीरा लगाकर ऑपरेशन कर दिया। उसे पांच टांके लगाए गए।
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पीड़िता का आरोप है कि नाै दिसंबर 2025 को जब वह पति के साथ नसबंदी का प्रमाणपत्र लेने पहुंचीं तो डॉक्टरों ने टालमटोल की। कहा कि उनका कोई ऑपरेशन हुआ ही नहीं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद दाहिने हाथ में सुन्नता आ गई और पेट में गांठ बन गई जिसमें लगातार दर्द बना रहता है। डॉक्टर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आशा कार्यकर्ता ममता, डॉ. मो. शरीफ और अधीक्षक डॉ. राजन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व जातिसूचक की धाराओं में प्राथमिकी दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि महिला को ऑपरेशन के बाद जानकारी दी गई थी कि ऑपरेशन सफल नहीं हुआ है। डॉ. शरीफ ने भी महिला को इस संबंध में बता दिया था। महिला के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। थानाध्यक्ष देवेश पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह को सौंपी गई है।