Etawah: डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर किया आत्महत्या का पोस्ट, मचा हड़कंप; CMS समेत तीन पर लगाए गंभीर आरोप
Etawah News: बकेवर के 50 शैया अस्पताल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक स्वर्णकार ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या संबंधी एक पोस्ट साझा कर दी। पोस्ट में उन्होंने अस्पताल के सीएमएस, एक ईएमओ और एक बाबू को संभावित आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उत्पीड़न और वेतन न मिलने के आरोप लगाए।
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विस्तार
बकेवर स्थित 50 शैया अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक स्वर्णकार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आत्महत्या करने संबंधी पोस्ट शेयर कर दी। अपनी पोस्ट में डॉक्टर ने साफ तौर पर अस्पताल के सीएमएस, एक ईएमओ और एक बाबू पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उन्हें संभावित कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस सनसनीखेज पोस्ट के वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप
डॉ. अभिषेक स्वर्णकार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यदि वह भविष्य में आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाते हैं, तो इसके लिए सीएमएस डॉ. संदीप गुलाटी, ईएमओ डॉ. रविंद्र साहू और बाबू दयाराम जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर लगातार त्यागपत्र देने का दबाव बनाया जा रहा है और पिछले 05 माह से उनका वेतन भी रोक दिया गया है।
डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे मशीन उपलब्ध नहीं है और उनकी लिखी दवाएं मरीजों को नहीं दी जातीं, जिससे उनकी कार्यशैली और छवि प्रभावित हो रही है। सूचना पर पहुंचे बकेवर थाना प्रभारी विपिन मलिक ने डॉक्टर से बातचीत कर स्थिति संभाली।
सीएमएस बोले- बायोमेट्रिक में नहीं दर्ज की उपस्थिति, आरोप निराधार
दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सीएमएस डॉ. संदीप गुलाटी ने स्पष्ट किया कि 01 फरवरी 2026 से शासन के निर्देशानुसार सभी कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज हो रही है।
डॉ. स्वर्णकार ने पिछले 05 महीनों से न तो बायोमेट्रिक पर उपस्थिति दर्ज कराई और न ही रजिस्टर में हस्ताक्षर किए, जिसके कारण उनका वेतन जारी नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि डॉक्टर बिना बताए 04 दिन अनुपस्थित रहने के बाद बैकडेट में हस्ताक्षर कर रहे थे, जिस पर आपत्ति जताई गई थी। पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी और स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दी गई है।