Kannauj: छात्रवृत्ति न मिलने पर इंजीनियरिंग छात्रों का धरना, मंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े सैकड़ों युवा
Kannauj News: कन्नौज के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रवृत्ति न मिलने से नाराज छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने 20 से अधिक बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने का आरोप लगाते हुए समाज कल्याण राज्यमंत्री को मौके पर बुलाने और लिखित आश्वासन देने की मांग की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रवृत्ति न मिलने से आक्रोशित छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध बृहस्पतिवार को टूट गया। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रशासनिक भवन के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए समाज कल्याण विभाग व शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी समस्या का ठोस और लिखित निस्तारण नहीं होता, उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
20 से ज्यादा बार लगाई गुहार, पर बेनतीजा
प्रदर्शनकारी छात्रों का गंभीर आरोप है कि छात्रवृत्ति में आ रही तकनीकी व विभागीय कमियों को दूर कराने के लिए वे संबंधित समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी तक को 20 से अधिक बार ज्ञापन सौंप चुके हैं।
इसके बावजूद दो महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। छात्रवृत्ति न आने से छात्रों को फीस भरने और पढ़ाई-लिखाई का दैनिक खर्च उठाने में भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्यमंत्री आएं और लिखित आश्वासन दें
उग्र हुए छात्रों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि समाज कल्याण राज्यमंत्री खुद मौके पर पहुंचे, उनकी समस्याओं को सुनें और समय सीमा के भीतर छात्रवृत्ति दिलाने का लिखित आश्वासन दें। छात्रों ने दोटूक कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के केवल मौखिक दिलासे से काम नहीं चलेगा। जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी आकर लिखित आश्वासन नहीं देता, वे धरने से पीछे नहीं हटेंगे।
अधिकारियों की मनौव्वल रही बेअसर
कैंपस में भारी हंगामे और धरने की सूचना मिलते ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र छात्रों से बातचीत कर समस्या का जल्द से जल्द तकनीकी समाधान कराने का भरोसा दिया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। फिलहाल कॉलेज कैंपस में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है तथा छात्र परिसर में जमे हुए हैं।