सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Hamirpur Jan Seva Kendra Operator Trapped in Debt Dream of a Two Story House Becomes Cause of Death

कर्ज का कहर: मां मरी, भाई गया और अब उजड़ गया खुशबू का सिंदूर, ‘होम लोन’ बना मौत का सबब, हफ्ते भर की मासूम अनाथ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 16 Apr 2026 08:19 AM IST
विज्ञापन
सार

Hamirpur News: हमीरपुर में होम लोन और उधारी के दबाव में सीएससी संचालक अंकित ने आत्महत्या कर ली। चार साल में मां और भाई को खोने के बाद अब अंकित की मौत से परिवार अनाथ हो गया है।

Hamirpur Jan Seva Kendra Operator Trapped in Debt Dream of a Two Story House Becomes Cause of Death
मृतक की फाइल फोटो और अस्पताल में लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में जनसेवा केंद्र संचालक अंकित ओमर की आत्महत्या के मामले में कर्ज का दबाव मुख्य वजह बनकर सामने आया है। होम लोन व करीबी लोगों से पैसा उधार लेकर दो मंजिला मकान बनवाया था। उधारी को चुकाने का दबाव था, जिसको लेकर वह परेशान था।

Trending Videos

पति की मौत से पत्नी बदहवास है। उसका कहना है कि उन्हें बस इनता पता है कि पति ने कर्ज लेकर मकान बनवाया था। बैंक का नाम मालूम नहीं है। अंकित की पत्नी खुशबू के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह कभी दहाड़ मारकर रोने लगती तो कभी बेहोश हो जाती।

विज्ञापन
विज्ञापन

पहले से ही परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था
दो बेटियों की परवरिश कैसे होगी, बस यही शब्द मुंह से निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। ससुर के लापता होने के बाद सास सीता पुखरायां से आकर कस्बे में किराये के मकान में रहने लगी थीं।

सीएससी आईडी के माध्यम से लिया था होम लोन
इसके बाद में कांशीराम कॉलोनी में आवास मिलने पर परिवार यहीं बस गया। अंकित ने जनसेवा केंद्र खोलकर घर की जिम्मेदारी संभाली। जनसेवा केंद्र संचालन से आय ठीक होने लगी तो वार्ड-15 में एक प्लॉट खरीद लिया। खुशबू ने बताया कि सीएससी आईडी के माध्यम से होम लोन लिया था।

कर्ज ही मेरे पति की मौत का कारण बना
दोस्तों और रिश्तेदारों से भी कर्ज लिया था। करीब 25 से 30 लाख की लागत से दो मंजिला मकान तैयार कराया था। कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ने लगा और बैंक की किस्त जमा करने में भी दिक्कतें आने लगीं। वह अपनी परेशानी कभी नहीं बताते थे। कर्ज ही मेरे पति की मौत का कारण बन गया।

चार साल में सब उजड़ गया
खुशबू ने बताया कि चार साल में मेरा सब कुछ उजड़ गया। वर्ष 2022 में मां सीता की मौत हो गई। यह परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका था। सास की मौत के बाद परिवार पर दुखों का बोझ और बढ़ गया। बीते वर्ष देवर अमर की भी मौत हो चुकी है। अब पति की मौत से सब कुछ उजड़ गया।

पति ने ही रखा था बेटी का नाम गौरी
पत्नी खुशबू ने बताया कि पति की मौत के बाद परिवार पर संकट आ गया है। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी गौरी (5) पूर्ण रूप से दिव्यांग है। दूसरी बेटी का जन्म अभी पिछले सप्ताह ही हुआ है। बड़ी बेटी को अंकित बहुत चाहते थे। उन्होंने ही उसका नाम गौरी रखा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed