फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Death of Commission Agent Police negligent at every step SI acted in time businessman might found alive

आढ़ती की मौत: कदम-कदम पर लापरवाह रही पुलिस, दरोगा चेत जाते तो जिंदा मिलते कारोबारी, लावारिस में अंतिम संस्कार

Tue, 04 Aug 2026 01:38 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 04 Aug 2026 01:38 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर के लापता आढ़ती देवेश कुमार की मौत के मामले में पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है। एम्बुलेंस चालक द्वारा सूचना देने के बावजूद पनकी दरोगा मौके पर नहीं पहुंचे और मोर्चरी में भी पुलिस ने अज्ञात शव की सही से शिनाख्त नहीं की, जिसके चलते उनका लावारिस में अंतिम संस्कार करना पड़ा। 

विज्ञापन
Kanpur Death of Commission Agent Police negligent at every step SI acted in time businessman might found alive
आढ़ती देवेश कुमार की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के सचेंडी से लापता आढ़ती देवेश कुमार पुलिसिया लापरवाही की भेंट चढ़ गए। दो से 10 जुलाई के बीच पुलिस यदि सजग होती तो आज शायद देवेश जिंदा होते। पुलिस की पहली लापरवाही तब हुई जब आढ़ती जीवित थे। एंबुलेंस चालक ने पनकी इंडस्ट्रियल एरिया के चौकी प्रभारी विकास वर्मा को सूचना दी थी कि उनके क्षेत्र से सड़क पर पड़े एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल लेकर जाना है।

विज्ञापन

वह आकर देख लें और लिखित अनुमति दे दें। इस पर दरोगा ने अपने मोबाइल से ही व्हाट्सएप कर अनुमति दे दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि दरोगा मौके पर पहुंच जाते हैं तो शायद देवेंद्र आज जिंदा होते। पुलिस की दूसरी गलती आठ जुलाई की रही। जब सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा के साथ देवेश के परिजन मोर्चरी में सजेती में मिले अज्ञात शव की शिनाख्त करने पहुंचे थे।

विज्ञापन

उसी समय मौत का पता चल जाता
सजेती के शव के ठीक बगल में पनकी थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात बीमार के शव को पुलिस ने देखना मुनासिब नहीं समझा। सिर्फ सजेती का शव देखकर लौट गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यदि उस वक्त भी पनकी के अज्ञात शव को देख लेती तो कम से कम उसी समय आढ़ती की मौत का पता चल जाता।

पुलिस बताए- अब बच्चों की देखभाल कैसे होगी
घर पर मौजूद देवेश की पत्नी अराधना की आंखों के आंसू तो मानो सूख गए हैं। उनका दिल और दिमाग दोनों ही मानने को तैयार नहीं है कि देवेश अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी हालत देख परिजन जब उन्हें देवेश के इस दुनिया में न होने का अहसास दिलाते हैं तो फफक पड़ती हैं। चिल्लाती हैं कि पुलिस ही बताए इन तीन बच्चों की परवरिश कैसे होगी।

विज्ञापन

भाई की चिता को अग्नि तक नहीं दे सके
देवेश के भाई मुकेश का कहना है कि पनकी पुलिस यदि घायल को एक बार देख लेती तो वह अपने भाई का महंगे से महंगा इलाज कराकर उन्हें किसी न किसी तरह बचा लेते। बताया कि तीन जुलाई को वे लोग जिस वक्त सचेंडी चौकी में बैठे थे उसी वक्त देवेश पनकी में कहीं घायल अवस्था में मिले थे। फिर भी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। इसी तरह मोर्चरी में भी यदि शव की शिनाख्त हो जाती तो कम से कम भाई की चिता को अग्नि तो दे देते। यूं लावारिस में अंतिम संस्कार न होता।

मामला हादसा है या हत्या इसकी जांच तो कराई ही जा रही है। इसके अलावा पुलिस की ओर से कितनी लापरवाही हुई है। इसकी जांच भी डीसीपी को सौंपी गई हैं। मामले में दो पर कार्रवाई हो चुकी है। प्रकरण में कुछ अन्य विभागीय लोगों की भी लापरवाही सामने आई है, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।  -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed