बात सेहत की: प्रजनन क्षमता के लिए अच्छी नींद भी जरूरी, एक्सरसाइज की कमी बढ़ा रही बांझपन, GSVM के शोध में खुलासा
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के शोध के अनुसार, कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल में नींद की कमी और एक्सरसाइज न करने से युवाओं में बांझपन बढ़ रहा है। डॉ. डॉली रस्तोगी ने बताया कि दिनचर्या सुधार कर इस समस्या को कम किया जा सकता है।
विस्तार
आठ घंटे की नींद न लेना और शारीरिक गतिविधि नहीं करने से महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे बांझपन बढ़ रहा है। यह अध्ययन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फिजियोलॉजी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. साक्षी ने किया है। उन्हें इस रिसर्च पेपर के लिए पिछले सप्ताह अलीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस एपिकॉन में दूसरा स्थान भी मिला था।
फिजियोलॉजी विभाग की नोडल और आचार्य डॉ. डॉली रस्तोगी के निर्देशन में अध्ययन किया गया है। जनवरी से मार्च तक ऐसे 60 जोड़ों पर अध्ययन किया गया जिनके विवाह के बाद भी बच्चे नहीं हो रहे थे। किसी की शादी को तीन साल तो किसी की शादी को छह साल हो गए थे। इसमें सामने आया कि ये जोड़े नौकरी करते हैं जिसके चलते वे आठ घंटे की नींद नहीं ले पा रहे थे और सुबह व्यायाम भी नहीं कर रहे थे।
आने वाली पीढ़ी के लिए लाभदायक है अध्ययन
इसके अलावा इनका खानपान भी नियमित नहीं था जिसकी वजह से इनकी प्रजनन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि अभी यह अध्ययन पूरा नहीं हुआ है। इसमें हम 250 जोड़ों पर और अध्ययन करेंगे, तब स्थिति और ज्यादा स्पष्ट होगी। अलीगढ़ में कॉन्फ्रेंस में पहला पुरस्कार तेलंगाना के एम्स बीबीपुर को मिला है, दूसरा पुरस्कार जीएसवीएम और तीसरा पुरस्कार केजीएमयू लखनऊ को मिला है। डॉ. डॉली ने बताया कि यह अध्ययन आगे आने वाली पीढ़ी के लिए लाभदायक है। इससे समय रहते हम नई पीढ़ी को सूचित कर पाएंगे कि जीवनशैली में सुधार करें।
बांझपन से हैं आईवीएफ सेंटर आबाद
बांझपन की समस्या के चलते ही शहर में आईवीएफ सेंटर आबाद हैं। इन सेंटर में लाखों रुपये खर्च कर लोग माता-पिता बनने का सपना लेकर जाते हैं पर कई जोड़ों को ये सुख नसीब नहीं हो पाता। डॉक्टरों के अनुसार दिनचर्या सुधार से बांझपन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रात को एक नियमित समय पर सोएं, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट योग या एक्सरसाइज करें। तनाव दूर करने के लिए ध्यान लगाएं।
ऐसे बढ़ रही समस्या
- डॉ. डॉली रस्तोगी के अनुसार वर्तमान में पति-पत्नी दोनों ही बाहर काम कर रहे हैं। काॅरपोरेट और आईटी सेक्टर जैसे क्षेत्रों में कोई समय प्रबंधन न होने के चलते लोग न तो समय से सोते हैं और न ही उठते हैं। महिलाओं में पर्याप्त नींद न लेने से हार्मोन प्रभावित होते हैं जो अंडे बनने की प्रक्रिया में रुकावट उत्पन्न कर देते हैं। इससे मासिक धर्म चक्र भी अनियमित हो जाता है।
- डॉ. डॉली ने बताया कि कुछ शोध बताते हैं कि पुरुष अगर छह घंटे से भी कम सोते हैं तो उनके स्पर्म काउंट और क्वालिटी में गिरावट देखी गई है। सिटिंग जॉब और शारीरिक मेहनत की कमी से मोटापा बढ़ता है और प्रजनन अंगों के रक्त संचार को धीमा कर देता है।
- एक्सरसाइज न करने वाली महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) का खतरा बढ़ जाता है जो बांझपन का मुख्य कारण है।
बांझपन से हैं आईवीएफ सेंटर आबाद
बांझपन की समस्या के चलते ही शहर में आईवीएफ सेंटर आबाद हैं। जहां लाखो रुपये खर्च कर लोग माता-पिता बनने का सपना लेकर जाते हैं, जिसमें से भी सभी को ये सुख नसीब नहीं हो पाता है। लेकिन खर्च सभी का हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर आज युवा अपनी दिनचर्या को सुधार लें तो उनमें बांझपन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गड़बड़ लाइफस्टाइल है जिम्मेदार
डॉ. डॉली रस्तोगी के अनुसार वर्तमान में पति-पत्नी दोनों ही बाहर काम कर रहे हैं। कारपोरेट और आईटी सेक्टर जैसे क्षेत्रों में समय का कोई प्रबंधन न होने के चलते लोग न तो समय से सोते हैं और न ही उठते हैं। महिलाओं में पर्याप्त नींद न लेने से हार्मोन प्रभावित होते हैं, जो अंडे बनने की प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार हैं। इससे मासिक धर्म चक्र भी अनियमित हो जाता है। वहीं कुछ शोध बताते हैं कि पुरुष अगर छह घंटे से भी कम सोते हैं, तो उनके स्पर्म काउंट और क्वालिटी में गिरावट देखी गई है।
नियमित समय पर सोएं, रोजाना योग या एक्सरसाइज करें
वहीं सिटिंग जॉब और शारीरिक मेहनत की कमी से मोटापा बढ़ता है और प्रजनन अंगों के रक्त संचार को धीमा कर देता है। एक्सरसाइज न करने वाली महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( पीसीओएस) का खतरा बढ़ जाता है, जो बांझपन का मुख्य कारण है। डॉक्टरों के अनुसार रात को एक नियमित समय पर सोएं, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट योग या एक्सरसाइज करें। तनाव दूर करने के लिए ध्यान लगाएं।