कानपुर किडनी कांड: डॉ. अफजल और डॉ. वैभव की तलाश तेज, होटलों में रुककर करते थे 'सौदा', ट्रैवल एजेंट खोलेगा राज
Kanpur News: कानपुर किडनी कांड में पुलिस अब लखनऊ के ट्रैवल एजेंट और नर्सिंगहोम संचालक की तलाश कर रही है, जिन्होंने फरार डॉक्टरों को छिपने में मदद की।
विस्तार
कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के आरोपी डॉ. अफजल, डॉ. वैभव, डॉ. अमित, मुदस्सर अली सिद्दीकी, नवीन पांडेय समेत अन्य की तलाश तेज हो गई है। पुलिस तीनों को पकड़ने के लिए लखनऊ के ट्रैवल्स संचालक को खोज रही है। उसने कई बार दिल्ली से कानपुर आनेजाने की फ्लाइट बुक कराई है। टीम के लिए होटल की व्यवस्था की।
उसके पकड़े जाने से पुलिस को तीनों के बारे में और जानकारी मिलने की संभावना है। किडनी ट्रांसप्लांट करने से पहले आरोपी कल्याणपुर, केशवपुरम, मसवानपुर के होटलों में रुकते थे। इसकी जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किडनी रिसीवर और डोनर की हालत पर नजर रखने के लिए डॉ. अफजल, परवेज सैफी होटल में आठ से 10 दिन तक रुकते थे।
ट्रैवल्स संचालक की तलाश
होटल और फ्लाइट की बुकिंग लखनऊ का ट्रैवल संचालक किया करता था। अगर किसी की तबीयत बिगड़ती थी, तो तुरंत दूसरी टीम को जानकारी देकर मरीज को लखनऊ या दिल्ली भेजा जाता था। यह जिम्मेदारी रोहित तिवारी, नवीन पांडेय और शिवम अग्रवाल संभाल रहे थे। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि ट्रैवल्स संचालक की तलाश की जा रही है।
कुछ गाजियाबाद गए थे, अन्य लखनऊ रवाना हुए थे
उससे बहुत कुछ पता चल सकता है। मुजफ्फनगर की पारुल तोमर को बेगूसराय के आयुष की किडनी लगाने के बाद रोहित तिवारी, डॉ. अफजल, अली, परवेज सैफी और अन्य लोग रवाना हो गए। अली, कुलदीप सिंह राघव, राजेश तोमर गाजियाबाद गए थे, जबकि रोहित तिवारी, डॉ. अफजल, परवेज सैफी व अन्य लखनऊ रवाना हुए थे।
मोबाइल रावतपुर में ही बंद होने का पता चला
इसमें लखनऊ के नर्सिंगहोम संचालक का भी नाम सामने आ रहा है। पुलिस सभी की तलाश कर रही है। उनके मोबाइल से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रावतपुर से निकलने से पहले ही रोहित के दो मोबाइल बंद हो गए थे। पुलिस को पूछताछ में उसने दो मोबाइल को गंगा बैराज से फेंकने की जानकारी दी है। पुलिस की जांच में मोबाइल रावतपुर में ही बंद होने का पता चला।

कमेंट
कमेंट X