सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Kidney Scam A Shower of Cash and Bloody Trade Manjinder Swindled Out of 43 Lakhs and Denied a Kidney

Kidney Scam: 'नोटों की बारिश और खूनी कारोबार', मनजिंदर से ठगे 43 लाख और किडनी भी नहीं दी, अब परवेज खोलेगा राज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 07 Apr 2026 09:57 AM IST
विज्ञापन
सार

Kanpur News: कानपुर किडनी कांड में आरोपी शिवम के मोबाइल से पंजाब के पीड़ित मनजिंदर का वीडियो मिला है, जिनसे किडनी के नाम पर 43 लाख रुपये ठगे गए। जांच में गाजियाबाद के लुटेरे परवेज सैफी और डॉ. अफजल का नोटों की गड्डियों के साथ जश्न मनाते हुए वीडियो भी सामने आया है।

Kanpur Kidney Scam A Shower of Cash and Bloody Trade Manjinder Swindled Out of 43 Lakhs and Denied a Kidney
डॉ. अफसल और लूट का आरोपी परवेज सैफी, मनजिंदर सिंह - फोटो : Amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

कानपुर किडनी कांड के एक नए पीड़ित पंजाब के मनजिंदर का वीडियो पुलिस को जेल भेजे गए आरोपी शिवम अग्रवाल के मोबाइल में मिला है। अमृतसर के तरण-तारण निवासी मनजिंदर का आरोप है कि आहूजा हाॅस्पिटल के संचालकों डॉ.सुरजीत आहूजा, डॉ.प्रीति आहूजा और चार अन्य लोगों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने किडनी देने के नाम पर उनसे 43 लाख रुपये ले लिए, इसके बावजूद उनका ट्रांसप्लांट नहीं किया गया। उन्होंने यह रकम कर्जा लेकर दी थी।

Trending Videos

मसवानपुर स्थित आहूजा अस्पताल के इस वीडियो के अनुसार मनजिंदर की किडनी खराब है। वह कई सालोें से डायलिसिस करा रहे हैं। डायलिसिस के दौरान ही मोहाली में उनकी मुलाकात नवनीत सिंह नाम के युवक से हुई। उसने जसप्रीत, विक्रांत,हसन को अपना परिचित बताया। कहा कि यह लोग किडनी बदलवाने में उनकी मदद करेंगे। इसके बाद उसने इन लोगों से संपर्क कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रकम देने के कई माह बाद भी ट्रांसप्लांट नहीं कराया
इसके बाद आरोपियों ने उनसे किडनी के बदले कई बार में 43 लाख रुपये ले लिए। उन्होंने यह रकम अपने परिचितों से उधार लेकर जुटाई थी। रकम देने के कई माह बाद भी आरोपियों ने उनका ट्रांसप्लांट नहीं कराया। हर बार टरकाते रहे। उनका कहना है कि उनका, तो सब कुछ लुट गया है। जिन लोगों से रकम उधार लेकर दी है,वह तगादा करके जीना मुहाल कर देंगे। वहीं, वीडियो सामने आने के बाद डॉ. अली की तलाश में दिल्ली गई पुलिस टीम को चंडीगढ़ भेजा गया है, वह वहां पीड़ित का पता लगाने की कोशिश करेगी।

शिवम की रिमांड से खुलेंगे कई राज
डीसीपी वेस्ट एसएन कासिम आबिदी ने बताया कि पुलिस सोमवार को एंबुलेंस संचालक शिवम अग्रवाल को रिमांड पर लेने की अर्जी न्यायालय में डालेगी। उसे रिमांड पर लेने के बाद ही कई सवालों के जवाब मिलेंगे। इससे उसके मोबाइल में मिले वीडियो वाले पंजाब के व्यक्ति के बारे में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही कब-कब आहूजा और मेडिलाइफ में ट्रांसप्लांट किया गया और किनका किया गया,इसके बारे में पूछताछ की जाएगी।

रोहन और नरेंद्र को पूछताछ के बाद छोड़ा
डीसीपी के मुताबिक मेडीलाइफ अस्पताल को तिर्वा का रोहन, कन्नौज के सौरिख का संदीप और औरैया का नरेंद्र सविता संचालित करते थे। जिस भवन में अस्पताल था वह महेंद्र सिंह का है। इसे इन लोगों ने किराये पर लिया था। किराया न दे पाने के चलते अस्पताल बंद कर दिया गया। रोहन और नरेंद्र से रविवार को पूछताछ की गई। दोनों ने स्वीकार किया है कि अस्पताल की ओटी ने ट्रांसप्लांट हुआ था। जेल में बंद शिवम अग्रवाल ही महिला को लेकर आया था। इसके लिए उन्हें दो लाख रुपये मिले थे। दोनों को नोटिस देकर शहर से बाहर न जाने की हिदायत पर छोड़ा गया है।

ट्रांसप्लांट के लिए आनेजाने वाली टीम को गाड़ी मुहैया कराता था आरोपी लुटेरा
किडनी ट्रांसप्लांट नेटवर्क की जांच के दौरान एक और अहम कड़ी सामने आई है। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि गाजियाबाद का शातिर लुटेरा परवेज सैफी से भी आरोपियों के तार जुड़े हैं। वह आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए कहीं भी आने जाने के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था। परवेज ही आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए 31 मार्च को आहूजा हॉस्पिटल लाया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परवेज शैफी गाजियाबाद से लूट और डकैती में जेल जा चुका है।

जांच में परवेज सैफी का नाम सामने आया
वहीं, जांच में सामने आया कि मेरठ निवासी अंकित इस पूरे नेटवर्क के लिए आनेजाने को गाड़ियां उपलब्ध कराता था। वह डॉ. रोहित, वैभव मुद्गल, डॉ. अफजल, डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली और डॉ. अनुराग समेत अन्य सदस्यों के लिए अलग-अलग नामों से वाहन बुक करता था। इससे टीम की गतिविधियां गुप्त बनी रहती थीं। ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस जांच में परवेज सैफी का नाम सामने आया हैं। वह डॉ. रोहित की टीम को तीन बार मेरठ से कानपुर लेकर आया था।

10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किया जाता था भुगतान
हर बार यात्रा के लिए गाड़ियां फर्जी नामों से बुक कराई गई थीं जिससे वास्तविक यात्रियों की पहचान छिपी रह सके। गाड़ी बुकिंग का भुगतान 10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किया जाता था। इस तय दर पर लंबी दूरी की यात्राएं कराई जाती थीं, जिससे नेटवर्क के सदस्यों को लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता रहा। आहूजा हॉस्पिटल में भी पिछले रविवार को मुदस्सर अली सिद्दीकी, कुलदीप और राजेश को लेकर परवेज ही आया था। डीसीपी वेस्ट एसएन कासिम आबिदी ने बताया कि परवेज शैफी के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। उस पर लूट और डकैती के मामले दर्ज हैं। वह जेल भी जा चुका है।





परवेज ने 500 की गड्डियों संग बनाया वीडियो
मामले की जांच में जुटी पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से कुछ वीडियो भी मिले हैं। इनमें एक वीडियो में लूट व डकैती के आरोपी परवेज शैफी और डॉ. अफजल दिखाई दे रहे हैं। 19 सेकेंड के इस वीडियो में दोनों एक बेड पर बैठे हैं जिस पर 500 रुपये की करीब पचास से ज्यादा गड्डियां बिखरी हैं। यह वीडियो परवेज ही बना रहा है। इसमें काली टीशर्ट व जींस पहने डॉ. अफजल नोटों की गड्डियों को एक खास अंदाज में उछालता दिख रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed