कानपुर किडनी कांड: "मुझसे नहीं हो पाएगा, परीक्षा छूट जाएगी"; डोनर आयुष और आरोपी डॉक्टरों की चैट से बड़ा खुलासा
Kanpur News: पुलिस ने किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह के डोनर आयुष और आरोपी डॉक्टरों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट बरामद की है, जिसमें आयुष ने परीक्षा के कारण पीछे हटने और एडवांस लौटाने की बात कही थी।
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कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह की जांच में पुलिस को डोनर आयुष और मेरठ निवासी आरोपी डॉ. अफजल के बीच हुई अहम चैट हाथ लगी है। इस चैट से साफ है कि आयुष परीक्षा के कारण इस अवैध डील से पीछे हटना चाहता था। एडवांस में मिली रकम लौटाने को भी तैयार था।
वहीं, पुलिस को फरार आरोपी डॉ. अली और आयुष के बीच हुई बातचीत भी मिली है, जिसे पुलिस साक्ष्य के रूप में केस डायरी में शामिल करेगी। जांच के दौरान सामने आई चैट पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अनुसार आयुष इस पूरी प्रक्रिया से मानसिक रूप से परेशान हो चुका था।
इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ पाएगा
ऑपरेशन से कुछ दिन पहले रात करीब 10:30 बजे आयुष ने डॉ. अफजल को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उसने लगातार कई मैसेज भेजे जिनका जवाब नहीं मिला। इसके बाद आयुष ने कई मैसेज भी किए। इसमें उसने साफ बताया कि वह अब इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ पाएगा।
दोनों के बीच करीब आधे मिनट तक बात हुई
उसने मैसेज में लिखा कि अब मुझसे नहीं हो पाएगा, परीक्षा भी छूट जाएगी। यह भी बताया कि वह सात से 10 दिन के लिए आया था लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ। इससे उसका समय और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, कुछ देर बाद जब आयुष ने व्हाट्सएप कॉल की तो डॉ. अफजल ने फोन उठा लिया। दोनों के बीच करीब आधे मिनट तक बात हुई।
आयुष ने जल्द ऑपरेशन करने का बनाया था दबाव
पुलिस को आरोपी अली के साथ आयुष की चैट भी हाथ लगी है। इस चैट में अली ने आयुष के दस्तावेजों की जांच करते हुए उसके निवास के बारे में सवाल किए। आयुष ने खुद को देहरादून में रहने वाला बताते हुए मूल निवास बिहार का बताया। इसके बाद दोनों के बीच ऑपरेशन की तारीख और परीक्षा को लेकर बातचीत हुई।
दो महीने आराम करना पड़ेगा, परीक्षा छूट सकती
आयुष ने अप्रैल अंत में पेपर होने की बात कही और समय से काम पूरा कराने का आग्रह किया। अली ने जवाब में कहा कि ऑपरेशन के बाद कम से कम दो महीने आराम करना पड़ेगा, जिससे परीक्षा छूट सकती है। इस पर आयुष ने जल्द ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया। कहा कि इसी माह प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। यह रात करीब 8:15 बजे की है।
फरार आरोपी अली की तलाश तेज
अली ने लिखा है कि अगर टेलीग्राम पर न दिखे, तो जो नंबर भेजा है उस पर मैसेज भेज देना क्यूं कि वह बहुत ज्यादा टेलीग्राम का उपयोग नहीं करता है। मामले में डीसीपी एसएन कासिम आबिदी के अनुसार इन चैट से पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली, संपर्क और सौदेबाजी के तरीके उजागर हो रहे हैं। फरार आरोपी अली की तलाश तेज कर दी गई है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।