Kanpur Weather Update: मानसून की जबरदस्त मेहरबानी, जुलाई-अगस्त में औसत से अधिक बारिश, खेती के लिए बड़ी राहत
Weather News: कानपुर परिक्षेत्र में अल नीनो के प्रभाव की आशंकाओं के उलट इस बार मानसून का मिजाज बेहद सक्रिय रहा। जुलाई और अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में बारिश ने सामान्य औसत के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जहां जुलाई में सामान्य से 54.6 मिमी अधिक बारिश हुई, वहीं 15 अगस्त तक ही यह आंकड़ा सामान्य औसत से 100.2 मिमी अधिक तक पहुंच गया।
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प्रशांत महासागर की प्राकृतिक जलवायु घटना अल नीनो का असर कानपुर परिक्षेत्र पर नहीं पड़ा। राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायु मंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने जुलाई से अल नीनो प्रभाव के अधिक तेज होने और मानसून के सुस्त पड़ने की आशंका जाहिर की थी।
इसके उलट कानपुर परिक्षेत्र में जुलाई और अगस्त में खूब पानी गिरा। जुलाई में सामान्य औसत से 54.6 मिमी और 15 अगस्त तक 100.2 मिमी बारिश अधिक हुई। मानसूनी बारिश ने जून, जुलाई और अगस्त तीन महीने के संयुक्त सामान्य औसत को भी पार कर दिया।
मानसून के मिजाज ने परिक्षेत्र में उलटा असर दिखाया
अल नीनो का असर मई-जून से उभरना शुरू हुआ। इस घटना में पूर्वी मध्यरेखीय प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। जुलाई इसका असर आना शुरू हुआ। मौसम विभाग ने आशंका जाहिर की कि इससे 30-35 प्रतिशत बारिश कम हो सकती है पर मानसून के मिजाज ने परिक्षेत्र में उलटा असर दिखाया।
जुलाई और अगस्त दोनों में सामान्य औसत को बारिश ने पार किया
मानसून 10 दिन देर से दो जुलाई को पहुंचा। जून में प्री मानसूनी बारिश हुई। यह जून के सामान्य औसत से 15.3 मिमी कम रही लेकिन जुलाई में मानसून आते ही बारिश होने लगी। जुलाई और अगस्त दोनों में सामान्य औसत को बारिश ने पार किया। जुलाई की सामान्य बारिश 272.5 मिमी है, लेकिन 327.1 मिमी बारिश हुई।
बीच-बीच में मौसम प्रणालियां बनीं
अगस्त में तो 15 अगस्त तक ही बारिश ने सामान्य औसत पार कर दिया। 15 अगस्त बारिश का सामान्य औसत 134.3 मिमी है लेकिन बारिश 234.5 मिमी हुई। यह सामान्य से 100.2 मिमी अधिक है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। इसके बाद जैसे ही निम्न दबाव का क्षेत्र बना बारिश हो गई। बीच-बीच में मौसम प्रणालियां बनीं। इससे भी नमी आ गई और बारिश हो गई।