UP: प्राइमरी स्कूल में बच्चों के साथ बैठते व भोजन खाते आवारा कुत्ते, जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर मासूम
मिड-डे मील के दौरान कुत्ते थालियों पर झपट्टा मारते है। यही नहीं कक्षा में टाट-पट्टी पर पढ़ते बच्चों के बीच खूंखार कुत्ते सोते हैं।
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भीतरगांव ब्लॉक के ग्राम ढूहरपुर प्राथमिक विद्यालय में दर्जनों आवारा कुत्तों का आतंक परिसर से लेकर कक्षा के अंदर तक फैला हुआ है। आवारा कुत्तों की धमाचौकड़ी के कारण मासूम बच्चे रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल की प्रधानाध्यापक और शिक्षिकाओं की अनदेखी से नाराज दो दर्जन से अधिक अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर परिसर को सुरक्षित करने की मांग की है। लेकिन बीईओ अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
पूर्व प्रधान रामदुलारी, भोला, अनीता, सुषमा, मोनिका, सुदामा, रन्नो व राजीव सहित दो दर्जन अभिभावकों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के दौरान आवारा कुत्ते बच्चों की थालियों तक पर झपट्टा मारते हैं। इससे न केवल भोजन दूषित हो रहा है, बल्कि बच्चों पर हमले का गंभीर खतरा मंडराता रहता है। क्लासरूम के भीतर बच्चे जिस दरी और फट्टे पर बैठकर पढ़ाई करते हैं, वहीं कुत्ते भी निर्भीक होकर सोते रहते हैं। अभिभावकों ने बीईओ को स्कूल के अंदर घूमते और सोते हुए कुत्तों के फोटो व वीडियो साक्ष्य के तौर पर भी दिखाए हैं।
गौरतलब है कि भीतरगांव क्षेत्र में बीते एक महीने में आवारा कुत्तों के काटने से करीब 100 लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस बेहद संवेदनशील मामले की अनदेखी कर रहे हैं। अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा को शिकायत पत्र देकर परिसर को तुरंत कुत्तों से मुक्त कराने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
"यह मामला बेहद गंभीर है। स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी और लापरवाही की जांच कराई जाएगी। बीईओ से रिपोर्ट तलब कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है" - हरिओम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी कानपुर नगर