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Kasganj News: सूखा रहा जून, सात साल में दूसरी सबसे कम बारिश दर्ज
Wed, 01 Jul 2026 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:19 AM IST
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कासगंज। जिले में इस बार मानसून की शुरुआत किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। जून का महीना लगभग सूखा बीतने से खेतों में नमी की भारी कमी बनी हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार जून में सामान्यत: 57 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस वर्ष मात्र 15.66 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 73 प्रतिशत कम है।मंगलवार को भी जिले में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा। आसमान में दिनभर बादलों का डेरा बना रहा और तड़के कुछ देर हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन उसके बाद बारिश नहीं हो सकी। बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। बारिश की यह कमी पिछले सात वर्षों में दूसरी सबसे कम वर्षा के रूप में दर्ज की गई है, जिससे मानसून की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं। समय पर पर्याप्त बारिश न होने से खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान, मक्का, बाजरा के साथ-साथ दलहन और तिलहन फसलों की बुवाई करने वाले किसान खेतों में नमी की कमी से असमंजस में हैं। कई स्थानों पर बुवाई या तो धीमी पड़ गई है या पूरी तरह रोकनी पड़ी है। जिले में इस बार खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य 121587 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई में मानसून सक्रिय होकर सामान्य से अधिक वर्षा करता है तो स्थिति में सुधार संभव है। लेकिन बारिश में और देरी या कमी होने पर खरीफ सीजन की खेती पर गंभीर असर पड़ सकता है।फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और उस पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो खेतों में फिर से हरियाली लौटा सके।
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