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Kasganj News: पहाड़ोंं में बारिश के बाद बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
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फोटो21बरौना में पत्थरों से बनाया गया बांध जो गांव को कटान से देगा सुरक्षा। स्रोत संवाद
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कासगंज। पिछले सप्ताह पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई लगातार बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर पड़ रहा है। पहाड़ी नदियों का पानी गंगा में आने से उसका जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग और बाढ़ कंट्रोल रूम भी सक्रिय हो गया है।
पानी के प्रवाह से संबंधित सूचनाएं अपडेट की जा रही हैं। सिंचाई विभाग के अभियंता की ओर से मौके का निरीक्षण किया जा रहा है।हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ाया गया। इसी के साथ ही बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का दबाव बढ़ते ही प्रवाह बढ़ा दिया गया है।
जिले के समीपवर्ती बैराज नरौरा से सोमवार को 76 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बना हुआ था जिससे कछला पर गंगा 161.65 मीटर के निशान पर बह रही थी जो खतरे के निशान से 0.750 मीटर नीचे थी। अभी और जलस्तर में वृद्धि की आशंका है।
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इसके कारण सिंचाई विभाग सक्रिय है और निरंतर नजर बनाए हुए है। मैदानी इलाकों में बारिश भी थमी हुई है पहाड़ों पर भी बारिश का सिलसिला कम हुआ है। जिससे फिलहाल बाढ़ की कोई आशंका नहीं है।
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कच्चे बांधों को किया जा रहा दुरुस्त
कासगंज। गंगा में जब भी बाढ़ की स्थिति और उफान आता है तो जिले के पांच कच्चे बांध बाढ़ के प्रभाव को रोकने में कारगर भूमिका निभाते हैं। बारिश के कारण इन बांधों पर मिट्टी का जगह जगह कटान हो गया है। इन बांधों को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। इनमें दतलाना बांध (3 किमी), उढ़ेर बांध (4.55 किमी), न्यौली बांध (5.95 किमी), समसपुर नरदौली बांध (10.75 किमी) और असदगढ़ किला नरदौली बांध (663 किमी) है।
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बरौना में तैयार किया गया पक्का तटबंध
कासगंज। जिले में कटान का हॉटस्पॉट बरौना गांव पिछले चार वर्षों से चर्चा में है। मुख्यमंत्री भी यहां कटान की समस्या देखने आ चुके हैं। हर वर्ष यहां कटानरोधी कार्य होते हैं, हालांकि इस बार स्थायी कटानरोधी कार्य किया गया है। यहां पत्थरों का तटबंध बनाकर बरौना गांव को सुरक्षा चक्र दिया गया है जिससे कटान की आपदा थमी रहे। वहीं, मुजफ्फरनगर एवं किसौल में भी कटानरोधी कार्य पूरा किया जा चुका है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 147365 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 155365 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 128716 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.56 मीटर के निशान पर
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वर्जन-
पहाड़ों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालांकि रिवर पैड खाली होने से बाढ़ की आशंका नहीं है। कटान की भी कहीं कोई समस्या नहीं है। सिंचाई विभाग की टीमें सक्रिय हैं। निरंतर जलस्तर की निगरानी की जा रही है। - संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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पानी के प्रवाह से संबंधित सूचनाएं अपडेट की जा रही हैं। सिंचाई विभाग के अभियंता की ओर से मौके का निरीक्षण किया जा रहा है।हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ाया गया। इसी के साथ ही बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का दबाव बढ़ते ही प्रवाह बढ़ा दिया गया है।
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जिले के समीपवर्ती बैराज नरौरा से सोमवार को 76 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बना हुआ था जिससे कछला पर गंगा 161.65 मीटर के निशान पर बह रही थी जो खतरे के निशान से 0.750 मीटर नीचे थी। अभी और जलस्तर में वृद्धि की आशंका है।
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इसके कारण सिंचाई विभाग सक्रिय है और निरंतर नजर बनाए हुए है। मैदानी इलाकों में बारिश भी थमी हुई है पहाड़ों पर भी बारिश का सिलसिला कम हुआ है। जिससे फिलहाल बाढ़ की कोई आशंका नहीं है।
कच्चे बांधों को किया जा रहा दुरुस्त
कासगंज। गंगा में जब भी बाढ़ की स्थिति और उफान आता है तो जिले के पांच कच्चे बांध बाढ़ के प्रभाव को रोकने में कारगर भूमिका निभाते हैं। बारिश के कारण इन बांधों पर मिट्टी का जगह जगह कटान हो गया है। इन बांधों को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। इनमें दतलाना बांध (3 किमी), उढ़ेर बांध (4.55 किमी), न्यौली बांध (5.95 किमी), समसपुर नरदौली बांध (10.75 किमी) और असदगढ़ किला नरदौली बांध (663 किमी) है।
बरौना में तैयार किया गया पक्का तटबंध
कासगंज। जिले में कटान का हॉटस्पॉट बरौना गांव पिछले चार वर्षों से चर्चा में है। मुख्यमंत्री भी यहां कटान की समस्या देखने आ चुके हैं। हर वर्ष यहां कटानरोधी कार्य होते हैं, हालांकि इस बार स्थायी कटानरोधी कार्य किया गया है। यहां पत्थरों का तटबंध बनाकर बरौना गांव को सुरक्षा चक्र दिया गया है जिससे कटान की आपदा थमी रहे। वहीं, मुजफ्फरनगर एवं किसौल में भी कटानरोधी कार्य पूरा किया जा चुका है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 147365 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 155365 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 128716 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.56 मीटर के निशान पर
वर्जन-
पहाड़ों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालांकि रिवर पैड खाली होने से बाढ़ की आशंका नहीं है। कटान की भी कहीं कोई समस्या नहीं है। सिंचाई विभाग की टीमें सक्रिय हैं। निरंतर जलस्तर की निगरानी की जा रही है। - संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग