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Kaushambi News: 500 से कम राशन कार्ड वाली कोटे की दुकान का होगा विलय
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जिले में 500 से कम राशन कार्डधारकों वाली उचित दर दुकानों के विलय की कवायद तेज हो गई है। खाद्य एवं रसद विभाग ने ब्लॉकवार कोटों का डेटा जुटाना शुरू कर दिया है। शुरुआती आकलन में संकेत मिल रहे हैं कि जिले की 30 से 50 फीसदी दुकानें इसके दायरे में आ सकती हैं।
जिले में कुल उचित दर दुकानों की संख्या करीब 586 है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनमें से 30 से 50 प्रतिशत दुकानें ऐसी हैं, जहां कार्डधारकों की संख्या 500 से कम है। दरअसल, कम यूनिट वाले कोटे आर्थिक रूप से अलाभकारी माने जा रहे हैं, क्योंकि कोटेदारों को मिलने वाला कमीशन बेहद सीमित रहता है। हालांकि, विलय के बाद एक दुकान पर कार्डधारकों की संख्या बढ़ने से वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और टिकाऊ बनाने का दावा किया जा रहा है।
अभी तक जिले में प्रभावित दुकानों की अंतिम सूची जारी नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डेटा संकलन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से आए निर्देश के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। उचित दर दुकानों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जनहित को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।
मंगेश कुमार मौर्य, डीएसओ।
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जिले में कुल उचित दर दुकानों की संख्या करीब 586 है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनमें से 30 से 50 प्रतिशत दुकानें ऐसी हैं, जहां कार्डधारकों की संख्या 500 से कम है। दरअसल, कम यूनिट वाले कोटे आर्थिक रूप से अलाभकारी माने जा रहे हैं, क्योंकि कोटेदारों को मिलने वाला कमीशन बेहद सीमित रहता है। हालांकि, विलय के बाद एक दुकान पर कार्डधारकों की संख्या बढ़ने से वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और टिकाऊ बनाने का दावा किया जा रहा है।
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अभी तक जिले में प्रभावित दुकानों की अंतिम सूची जारी नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डेटा संकलन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से आए निर्देश के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। उचित दर दुकानों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जनहित को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।
मंगेश कुमार मौर्य, डीएसओ।