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Lalitpur News: कंपनी बाग के सामने पालिका की दुकानें ही बन रहीं चौड़ीकरण में बाधा
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नगर पालिका के अपने अतिक्रमण पर कार्रवाई की कोई ठोस योजना नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका परिषद एक ओर पूरे शहर में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर फुटपाथी और अन्य पक्के अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी बाग और कोतवाली के सामने पालिका द्वारा निर्मित दुकानें भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या पालिका अपने ही अतिक्रमण को हटाने की हिम्मत दिखा पाएगी।
नगर पालिका द्वारा कंपनी बाग के सामने करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बनाकर विभिन्न व्यापारियों को आवंटित की गई थीं। इसी तरह कोतवाली के सामने भी लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं। यह दुकानें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर निर्मित हैं। इसको लेकर पूर्व में लोक निर्माण विभाग द्वारा नगर पालिका को नोटिस जारी किया गया था और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसमें पीडब्ल्यूडी की जीत हुई थी। इसके बावजूद न तो दुकानें हटाई गईं और न ही पालिका ने इनसे टैक्स वसूली बंद की।
लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के मध्य से दोनों ओर 45-45 फीट भूमि चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर शहजाद नदी से रेलवे स्टेशन तक मुख्य सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी बाग के सामने बनी पालिका की दुकानें न केवल अतिक्रमण हैं, बल्कि इनके बाहर सामान रखकर भी सड़क पर कब्जा किया जा रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति कोतवाली के सामने बनी दुकानों की है। यहां पालिका द्वारा निर्मित दुकानें पीडब्ल्यूडी की भूमि के साथ-साथ पार्क की बाउंड्री से सटाकर बनाई गई हैं, जो पर्यावरण नियमों का भी उल्लंघन है। दुकानों के बाहर फुटपाथ पर सामान रखकर व्यापार किया जा रहा है। कई दुकानदार सड़क के बिल्कुल किनारे तक सामान फैलाकर बैठे रहते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। कई बार बड़े वाहनों के निकलने पर जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है।
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स्टेशन रोड पर कटे पेड़ बने खतरा
घंटाघर से रेलवे स्टेशन मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान बाधक बन रहे पेड़ों को वन निगम ने तो काट दिया है, लेकिन सड़क से करीब दो फुट ऊंचे ठूंठ छोड़ दिए गए हैं। ये ठूंठ रात के समय स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के टकराने की आशंका बनी हुई है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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26 जनवरी के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। अतिक्रमण की जद में आ रहे सभी निर्माण हटवाए जाएंगे।
दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका परिषद एक ओर पूरे शहर में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर फुटपाथी और अन्य पक्के अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी बाग और कोतवाली के सामने पालिका द्वारा निर्मित दुकानें भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या पालिका अपने ही अतिक्रमण को हटाने की हिम्मत दिखा पाएगी।
नगर पालिका द्वारा कंपनी बाग के सामने करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बनाकर विभिन्न व्यापारियों को आवंटित की गई थीं। इसी तरह कोतवाली के सामने भी लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं। यह दुकानें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर निर्मित हैं। इसको लेकर पूर्व में लोक निर्माण विभाग द्वारा नगर पालिका को नोटिस जारी किया गया था और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसमें पीडब्ल्यूडी की जीत हुई थी। इसके बावजूद न तो दुकानें हटाई गईं और न ही पालिका ने इनसे टैक्स वसूली बंद की।
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लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के मध्य से दोनों ओर 45-45 फीट भूमि चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर शहजाद नदी से रेलवे स्टेशन तक मुख्य सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी बाग के सामने बनी पालिका की दुकानें न केवल अतिक्रमण हैं, बल्कि इनके बाहर सामान रखकर भी सड़क पर कब्जा किया जा रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति कोतवाली के सामने बनी दुकानों की है। यहां पालिका द्वारा निर्मित दुकानें पीडब्ल्यूडी की भूमि के साथ-साथ पार्क की बाउंड्री से सटाकर बनाई गई हैं, जो पर्यावरण नियमों का भी उल्लंघन है। दुकानों के बाहर फुटपाथ पर सामान रखकर व्यापार किया जा रहा है। कई दुकानदार सड़क के बिल्कुल किनारे तक सामान फैलाकर बैठे रहते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। कई बार बड़े वाहनों के निकलने पर जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है।
स्टेशन रोड पर कटे पेड़ बने खतरा
घंटाघर से रेलवे स्टेशन मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान बाधक बन रहे पेड़ों को वन निगम ने तो काट दिया है, लेकिन सड़क से करीब दो फुट ऊंचे ठूंठ छोड़ दिए गए हैं। ये ठूंठ रात के समय स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के टकराने की आशंका बनी हुई है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
26 जनवरी के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। अतिक्रमण की जद में आ रहे सभी निर्माण हटवाए जाएंगे।
दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
