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Lalitpur News: नए वित्तीय वर्ष में वीबीजी रामजी से 46.47 लाख मानव दिवस सृजित होंगे
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1.95 लाख जॉबकार्डधारकों को मिलेगा रोजगार, 195.20 करोड़ का श्रम बजट तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (अब वीबीजी रामजी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के जॉबकार्डधारकों को रोजगार की कमी नहीं होगी। गांवों में विकास कार्यों के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने श्रम बजट तैयार कर शासन को भेज दिया है। इसके तहत 46.47 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर कुल 195.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जनपद के छह विकास खंडों की 415 ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत 1.95 लाख जॉबकार्ड सक्रिय हैं, जिन पर 3.20 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इन श्रमिकों को गांवों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर 252 रुपये प्रतिदिन है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष की तरह इस बार भी मानव दिवस सृजन का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
मजदूरी और सामग्री पर खर्च होंगे 195.20 करोड़
तैयार श्रम बजट के अनुसार कुल 195.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें मजदूरी मद में 11712.68 लाख रुपये तथा सामग्री मद में 7808.11 लाख रुपये शामिल हैं। बजट के अंतर्गत गांवों में कच्चे व पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिससे श्रमिकों को नियमित रोजगार मिल सकेगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अप्रैल माह से कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर मानव दिवस के लक्ष्य में संशोधन भी किया जा सकता है।
ये कार्य कराए जाएंगे
नए वित्तीय वर्ष में पौधारोपण, मियावाकी, चक मार्ग, आंतरिक गलियां, नाली निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेंचिंग, आंगनबाड़ी केंद्र, आवास, श्मशान घाट, राशन दुकान, सिंचाई गूल, तालाब, मछली पालन, पशु शेड, खेल मैदान, अमृत सरोवर, सार्वजनिक बंधी और माइक्रो शेड जैसे कार्य कराए जाएंगे।
जल संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबीजी रामजी के तहत जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अंतर्गत तालाबों, चेकडैम, नहरों, गूलों, नदियों और तटबंधों पर कार्य होंगे। साथ ही जिले को हरित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
ब्लॉकवार श्रम बजट (मानव दिवस सृजन)
बार—5,92,478
बिरधा—8,74,405
जखौरा—8,80,264
मड़ावरा—10,95,484
महरौनी—5,89,557
तालबेहट—6,15,501
कुल—46,47,889 मानव दिवस
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काम की तलाश में ग्रामीणों को बाहर न जाना पड़े, इसके लिए गांव में ही रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 का श्रम बजट शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही अप्रैल से कार्य शुरू कराए जाएंगे।
रमेश कुमार यादव, डीसी मनरेगा (अब वीबीजी रामजी)
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ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (अब वीबीजी रामजी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के जॉबकार्डधारकों को रोजगार की कमी नहीं होगी। गांवों में विकास कार्यों के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने श्रम बजट तैयार कर शासन को भेज दिया है। इसके तहत 46.47 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर कुल 195.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जनपद के छह विकास खंडों की 415 ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत 1.95 लाख जॉबकार्ड सक्रिय हैं, जिन पर 3.20 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इन श्रमिकों को गांवों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर 252 रुपये प्रतिदिन है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष की तरह इस बार भी मानव दिवस सृजन का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
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मजदूरी और सामग्री पर खर्च होंगे 195.20 करोड़
तैयार श्रम बजट के अनुसार कुल 195.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें मजदूरी मद में 11712.68 लाख रुपये तथा सामग्री मद में 7808.11 लाख रुपये शामिल हैं। बजट के अंतर्गत गांवों में कच्चे व पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिससे श्रमिकों को नियमित रोजगार मिल सकेगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अप्रैल माह से कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर मानव दिवस के लक्ष्य में संशोधन भी किया जा सकता है।
ये कार्य कराए जाएंगे
नए वित्तीय वर्ष में पौधारोपण, मियावाकी, चक मार्ग, आंतरिक गलियां, नाली निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेंचिंग, आंगनबाड़ी केंद्र, आवास, श्मशान घाट, राशन दुकान, सिंचाई गूल, तालाब, मछली पालन, पशु शेड, खेल मैदान, अमृत सरोवर, सार्वजनिक बंधी और माइक्रो शेड जैसे कार्य कराए जाएंगे।
जल संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबीजी रामजी के तहत जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अंतर्गत तालाबों, चेकडैम, नहरों, गूलों, नदियों और तटबंधों पर कार्य होंगे। साथ ही जिले को हरित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
ब्लॉकवार श्रम बजट (मानव दिवस सृजन)
बार—5,92,478
बिरधा—8,74,405
जखौरा—8,80,264
मड़ावरा—10,95,484
महरौनी—5,89,557
तालबेहट—6,15,501
कुल—46,47,889 मानव दिवस
काम की तलाश में ग्रामीणों को बाहर न जाना पड़े, इसके लिए गांव में ही रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 का श्रम बजट शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही अप्रैल से कार्य शुरू कराए जाएंगे।
रमेश कुमार यादव, डीसी मनरेगा (अब वीबीजी रामजी)
