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Maharajganj News: लोहरौली से बोदना जाने वाली सड़क बदहाल, रोजाना घायल हो रहे राहगीर
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लोहरौली से बोदना संपर्क मार्ग मे गड्ढे ही गड्ढे -सडक पर गीर घायल हो रहे राहगीर।
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सड़क पर गिरकर घायल हो रहे राहगीर
सड़क बनने के 25 साल बाद भी नहीं कराई गई है मरम्मत
ठूठीबारी। लोहरौली से बोदना गांव जाने वाली सड़क बदहाल हो गई है। सड़क की हालत देखकर पता लगाना मुश्किल है कि सड़क में गड्डा है या गड्ढे में सड़क। दो किलोमीटर की दूरी तय करने में क्षेत्र के ग्रामीणों का पसीना छूट जा रहा है। सड़क बनने के 25 साल बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
सड़क में गड्ढे बन जाने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना राहगीर सड़क पर गिरकर घायल हो रहे हैं। निचलौल विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत ठूठीबारी निचलौल एनएस-730 एस लोहरौली ढाला से बोदना गांव जाने वाले प्रमुख मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
ग्रामीण सुरेंद्र रावत, राजाराम साहनी, कमलेश साहनी, समाजसेवी सुरेन्द्र रावत, रमाकांत प्रजापति, मारूफ आलम, सुकुरुल्लाह हाफी जी, आफ़ताब आलम, नसरुद्दीन अंसारी, गुफरान उर्फ शहजादे, योगेश मद्धेशिया, श्यामसुंदर साहनी, अमरजीत प्रजापति, आविद अली उर्फ टंकी, शैलेष प्रजापति, आरिफ, अमजद, अभिराज साहनी, भोजराज साहनी आदि ग्रामीणों ने बताया की आजादी के बाद से पहली बार इस मार्ग पर सन् 2000-2001 में पूर्वांचल विकास निधि से पीडब्लूडी विभाग की ओर से भारी भरकम रुपये खर्च कर लोहरौली से बोदना गांव संपर्क मार्ग पक्का कराया गया था।
सड़क बने 25 साल हो गए लेकिन विभाग की ओर से इस सड़क का कोई मेंटेनेंस कार्य नहीं कराया गया, जिससे सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इस संबंध में पीडब्लूडी के अवर अभियंता देवानंद ने बताया की गड्ढे में तब्दील सड़क की जांच करा जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा।
इन गांव के लोगों का है प्रमुख मार्ग
लोहरौली, कटखोर बड़ा टोला, कठखोर छोटा टोला, पिपरपाती, करदह मैरी, बोदना, नवडिहवां, बकुलडीहा पोखरा टोला, लाला टोला, नदी टोला, स्कूल टोला, सुकरहर, बसौली के ग्रामीणों का रोजाना आना जाना लगा रहता है।
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सड़क बनने के 25 साल बाद भी नहीं कराई गई है मरम्मत
ठूठीबारी। लोहरौली से बोदना गांव जाने वाली सड़क बदहाल हो गई है। सड़क की हालत देखकर पता लगाना मुश्किल है कि सड़क में गड्डा है या गड्ढे में सड़क। दो किलोमीटर की दूरी तय करने में क्षेत्र के ग्रामीणों का पसीना छूट जा रहा है। सड़क बनने के 25 साल बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
सड़क में गड्ढे बन जाने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना राहगीर सड़क पर गिरकर घायल हो रहे हैं। निचलौल विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत ठूठीबारी निचलौल एनएस-730 एस लोहरौली ढाला से बोदना गांव जाने वाले प्रमुख मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
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ग्रामीण सुरेंद्र रावत, राजाराम साहनी, कमलेश साहनी, समाजसेवी सुरेन्द्र रावत, रमाकांत प्रजापति, मारूफ आलम, सुकुरुल्लाह हाफी जी, आफ़ताब आलम, नसरुद्दीन अंसारी, गुफरान उर्फ शहजादे, योगेश मद्धेशिया, श्यामसुंदर साहनी, अमरजीत प्रजापति, आविद अली उर्फ टंकी, शैलेष प्रजापति, आरिफ, अमजद, अभिराज साहनी, भोजराज साहनी आदि ग्रामीणों ने बताया की आजादी के बाद से पहली बार इस मार्ग पर सन् 2000-2001 में पूर्वांचल विकास निधि से पीडब्लूडी विभाग की ओर से भारी भरकम रुपये खर्च कर लोहरौली से बोदना गांव संपर्क मार्ग पक्का कराया गया था।
सड़क बने 25 साल हो गए लेकिन विभाग की ओर से इस सड़क का कोई मेंटेनेंस कार्य नहीं कराया गया, जिससे सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इस संबंध में पीडब्लूडी के अवर अभियंता देवानंद ने बताया की गड्ढे में तब्दील सड़क की जांच करा जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा।
इन गांव के लोगों का है प्रमुख मार्ग
लोहरौली, कटखोर बड़ा टोला, कठखोर छोटा टोला, पिपरपाती, करदह मैरी, बोदना, नवडिहवां, बकुलडीहा पोखरा टोला, लाला टोला, नदी टोला, स्कूल टोला, सुकरहर, बसौली के ग्रामीणों का रोजाना आना जाना लगा रहता है।