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Maharajganj News: जंगली जानवर के भय से पोखरहवा गांव के ग्रामीण भयभीत
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वन विभाग ने कहा, तेंदुआ नहीं, लकड़बग्घा था
नौतनवा। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल के किनारे बसे गांव रामनगर के पोखरहवा टोले के पास तेंदुए जैसा जानवर दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वहीं वन विभाग का कहना है कि दिखाई दिया जानवर तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा था।
तीन दिन पूर्व शाम लगभग साढ़े पांच बजे तेंदुआ जंगल से भटककर शिकार की तलाश में पोखरहवा गांव में पोखरे के किनारे झाड़ी में छुपा था। चरवाहे भैंस लेकर पोखरी में नहलाने गए थे। तभी चरवाहों ने उसे देखकर शोर मचाया। गांव के संदीप मौर्य,रामचंद्र, कांते, दिनेश, भोनू, विजय ,रामअचल, अरविंद आदि ग्रामीणों ने कहा कि लोगों में तेंदुए के हमले का भय सता रहा है। वहीं इस संबंध में उत्तरी चौक रेंज के डिप्टी रेंजर राकेश कुमार ने बताया कि तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा था। मौके पर जाकर पदचिन्ह देखा गया तो लकड़बग्घा का पदचिह्न मिला था।
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नौतनवा। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल के किनारे बसे गांव रामनगर के पोखरहवा टोले के पास तेंदुए जैसा जानवर दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वहीं वन विभाग का कहना है कि दिखाई दिया जानवर तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा था।
तीन दिन पूर्व शाम लगभग साढ़े पांच बजे तेंदुआ जंगल से भटककर शिकार की तलाश में पोखरहवा गांव में पोखरे के किनारे झाड़ी में छुपा था। चरवाहे भैंस लेकर पोखरी में नहलाने गए थे। तभी चरवाहों ने उसे देखकर शोर मचाया। गांव के संदीप मौर्य,रामचंद्र, कांते, दिनेश, भोनू, विजय ,रामअचल, अरविंद आदि ग्रामीणों ने कहा कि लोगों में तेंदुए के हमले का भय सता रहा है। वहीं इस संबंध में उत्तरी चौक रेंज के डिप्टी रेंजर राकेश कुमार ने बताया कि तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा था। मौके पर जाकर पदचिन्ह देखा गया तो लकड़बग्घा का पदचिह्न मिला था।
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