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Mahoba News: पूर्व प्रधान का दावा, जो प्रधान विधायक के साथ, उन्हीं गांवों से हारी भाजपा
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फोटो 10 एमएएचपी 08 परिचय-फेसबुक पर विभिन्न गांवों में भाजपा को मिले मतों की सूची दिखाते हुए बय
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महोबा। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को अमानपुरा के दंगल में आमंत्रित करने वाले मंगरौल कलां गांव के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत ने एक वीडियो जारी कर चरखारी विधायक और उनके समर्थक ग्राम प्रधानों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रधानों के गांवों में लोकसभा चुनावों में भाजपा को सबसे कम वोट मिले हैं। दो दिन पहले गौरहारी के पूर्व प्रधान ने भी वीडियो जारी कर चरखारी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे।
पनवाड़ी ब्लॉक के अमानपुरा गांव में 30 जनवरी को दंगल का आयोजन जैतपुर जिला पंचायत सीट से दावेदारी कर रहे मंगरौलकलां के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत ने किया था। इसमें उन्होंने मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को आमंत्रित किया था। कार्यक्रम में मंत्री के पहुंचने से पहले ही चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थक प्रधानों के साथ काफिला रोक लिया था और दोनों के बीच खासी नोकझोंक हुई थी। मामला गर्माया और प्रदेश की राजनीति में हलचल हो गई। अब विधायक के विरोधी माने जाने वाले मंगरौलकलां के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत ने अपने फेसबुक अकाउंट से वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि जल जीवन मिशन के तहत काम न होने की जिन 17 ग्राम प्रधानों ने लिखित शिकायत की है, उन ग्राम प्रधानों के गांवों में लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को हराया गया है।
उन्होंने चरखारी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में वर्तमान लोकसभा चुनाव में मिले वोट का डाटा शेयर करते हुए दावा किया कि इन गांवों में ही नहीं, बल्कि जहां पर (चरखारी) इन ग्राम प्रधानों के नेता निवास करते हैं, वहां से भी भाजपा हारी है लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कवच बना लिया जाता है। पूर्व प्रधान का आरोप है कि इन लोगों ने नरेंद्र मोदी का लोकसभा चुनाव में वर्ष 2014 और 2019 में भी विरोध किया था। चरखारी विधायक की ओर इशारा करते हुए अर्जुन सिंह ने कहा कि मेरे खिलाफ 12 झूठे मुकदमे लिखवाए गए। चुनाव में साथ देने के बाद भी यह स्थिति है। इन्हीं लोगों ने पहले कल्याण सिंह और उमा भारती के खिलाफ गंदी टिप्पणी की थी। आज नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खास बनते हैं। जिन प्रधानों के गांवों में 60 प्रतिशत वोट नरेंद्र मोदी के खिलाफ गया, उनके नेता सफाई दे रहे हैं।
पूर्व प्रधान ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग भी की है। उनका आरोप है कि ये लोग कवच तो नरेंद्र मोदी का पहनते हैं और काम करते हैं अन्य दलों का। ये लोग जिन लोगों के लिए हामी भरते हैं, उनका साथ कभी नहीं देते हैं। बुंदेलखंड में शिक्षा की अलख जगाने वाले स्वामी जी का कार्यक्रम में व्यवधान किया। असली भाजपा कार्यक्रम स्थल पर थी और नकली भाजपा कलेक्ट्रेट में थी। इससे दो दिन पहले ही गौरहारी के पूर्व प्रधान राजू राजपूत ने एक वीडियो जारी करके विधायक बृजभूषण राजपूत पर जमीन कब्जाने, क्षेत्र के विकास के लिए कोई विशेष कार्य नहीं करने और राजपूत समाज के नेताओं को ही दबाते हुए फर्जी मुकदमे लिखवाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
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विधायक का ऑल इन वैल, सजातीय नेता साध रहे निशाना
महोबा। एक ओर विधायक लखनऊ में विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के साथ ही अपने साथी विधायकों, समर्थकों से मिलते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया में शेयर करके ऑल इज वेल का संदेश दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनके विरोधी सजातीय नेता उन्हें सोशल मीडिया पर ही घेरने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने फेसबुक अकाउंट से बजट सत्र के प्रथम दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से भेंट करते हुए फोटो शेयर की। इसके बाद अपने लखनऊ आवास पर समर्थकों के साथ मुलाकात की कई फोटो शेयर कीं। इसके बाद शेयर की गई एक रील खासी चर्चाओं में है। दबंग स्टाइल में चलते हुए वीडियो जारी करते हुए विधायक ने ऑल इन वैल का संदेश देने की कोशिश की तो उनके समर्थकों ने भी कमेंट करके तारीफों के पुल बांधे। विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने दूसरे दिन की कार्रवाई के बाद विधायकों से मुलाकात की कई फोटो भी शेयर कीं। वहीं दूसरी ओर विधायक के सजातीय नेता अर्जुन सिंह राजपूत और राजू राजपूत के वीडियो भी खूब शेयर हो रहे हैं। इनमें वे विधायक को घेरने का प्रयास करते हुए निशाना साध रहे हैं।
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पनवाड़ी ब्लॉक के अमानपुरा गांव में 30 जनवरी को दंगल का आयोजन जैतपुर जिला पंचायत सीट से दावेदारी कर रहे मंगरौलकलां के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत ने किया था। इसमें उन्होंने मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को आमंत्रित किया था। कार्यक्रम में मंत्री के पहुंचने से पहले ही चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थक प्रधानों के साथ काफिला रोक लिया था और दोनों के बीच खासी नोकझोंक हुई थी। मामला गर्माया और प्रदेश की राजनीति में हलचल हो गई। अब विधायक के विरोधी माने जाने वाले मंगरौलकलां के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत ने अपने फेसबुक अकाउंट से वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि जल जीवन मिशन के तहत काम न होने की जिन 17 ग्राम प्रधानों ने लिखित शिकायत की है, उन ग्राम प्रधानों के गांवों में लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को हराया गया है।
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उन्होंने चरखारी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में वर्तमान लोकसभा चुनाव में मिले वोट का डाटा शेयर करते हुए दावा किया कि इन गांवों में ही नहीं, बल्कि जहां पर (चरखारी) इन ग्राम प्रधानों के नेता निवास करते हैं, वहां से भी भाजपा हारी है लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कवच बना लिया जाता है। पूर्व प्रधान का आरोप है कि इन लोगों ने नरेंद्र मोदी का लोकसभा चुनाव में वर्ष 2014 और 2019 में भी विरोध किया था। चरखारी विधायक की ओर इशारा करते हुए अर्जुन सिंह ने कहा कि मेरे खिलाफ 12 झूठे मुकदमे लिखवाए गए। चुनाव में साथ देने के बाद भी यह स्थिति है। इन्हीं लोगों ने पहले कल्याण सिंह और उमा भारती के खिलाफ गंदी टिप्पणी की थी। आज नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खास बनते हैं। जिन प्रधानों के गांवों में 60 प्रतिशत वोट नरेंद्र मोदी के खिलाफ गया, उनके नेता सफाई दे रहे हैं।
पूर्व प्रधान ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग भी की है। उनका आरोप है कि ये लोग कवच तो नरेंद्र मोदी का पहनते हैं और काम करते हैं अन्य दलों का। ये लोग जिन लोगों के लिए हामी भरते हैं, उनका साथ कभी नहीं देते हैं। बुंदेलखंड में शिक्षा की अलख जगाने वाले स्वामी जी का कार्यक्रम में व्यवधान किया। असली भाजपा कार्यक्रम स्थल पर थी और नकली भाजपा कलेक्ट्रेट में थी। इससे दो दिन पहले ही गौरहारी के पूर्व प्रधान राजू राजपूत ने एक वीडियो जारी करके विधायक बृजभूषण राजपूत पर जमीन कब्जाने, क्षेत्र के विकास के लिए कोई विशेष कार्य नहीं करने और राजपूत समाज के नेताओं को ही दबाते हुए फर्जी मुकदमे लिखवाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
विधायक का ऑल इन वैल, सजातीय नेता साध रहे निशाना
महोबा। एक ओर विधायक लखनऊ में विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के साथ ही अपने साथी विधायकों, समर्थकों से मिलते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया में शेयर करके ऑल इज वेल का संदेश दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनके विरोधी सजातीय नेता उन्हें सोशल मीडिया पर ही घेरने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने फेसबुक अकाउंट से बजट सत्र के प्रथम दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से भेंट करते हुए फोटो शेयर की। इसके बाद अपने लखनऊ आवास पर समर्थकों के साथ मुलाकात की कई फोटो शेयर कीं। इसके बाद शेयर की गई एक रील खासी चर्चाओं में है। दबंग स्टाइल में चलते हुए वीडियो जारी करते हुए विधायक ने ऑल इन वैल का संदेश देने की कोशिश की तो उनके समर्थकों ने भी कमेंट करके तारीफों के पुल बांधे। विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने दूसरे दिन की कार्रवाई के बाद विधायकों से मुलाकात की कई फोटो भी शेयर कीं। वहीं दूसरी ओर विधायक के सजातीय नेता अर्जुन सिंह राजपूत और राजू राजपूत के वीडियो भी खूब शेयर हो रहे हैं। इनमें वे विधायक को घेरने का प्रयास करते हुए निशाना साध रहे हैं।