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मथुरा में सामूहिक दुष्कर्म का मामला: पीड़िता को 12 लाख रुपये की मिलेगी आर्थिक मदद

मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में हाईवे पर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को डीएम नवनीत सिंह चहल और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। परिजनों को भरोसा दिया कि बेटी के साथ न्याय होगा। शासन एवं जिला प्रशासन की ओर से दी जाने वाली 12 लाख रुपये की सहायता का आश्वासन दिया। इसके अलावा भी अन्य मदद का भरोसा दिलाया। 

डीएम व एसएसपी ने पहले अस्पताल में भर्ती सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता से मुलाकात की। इसके बाद दोनों अधिकारी परिजनों से मिले। डीएम ने पीड़िता के परिवार को बताया कि उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के अंतर्गत सात लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। 

कुछ दिन पहले ही हुई थी पीड़िता के पिता की मौत
परिवार से बातचीत के दौरान पता चला कि कुछ दिन पूर्व पीड़िता के पिता की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, इसके लिए डीएम ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत उन्हें पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान कराई जाएगी। साथ ही पीड़िता की मां को निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

मथुरा में एक और वारदात: वृंदावन में किशोर ने पांच साल की बालिका से किया दुष्कर्म

मथुरा में कोसीकलां के बाद अब वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। छटीकरा कस्बे में एक किशोर पर पांच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ चौकी जैत में तहरीर दी है। इस पर पुलिस जांच में जुटी है। 
पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि कस्बा निवासी 16 वर्षीय किशोर गुरुवार को पड़ोस में रहने वाली पांच वर्षीय बालिका को टॉफी के बहाने घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। गांव के बाहर खाली मकान में उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित बच्ची घर आई तो गुमसुम थी। 
परिजनों को बच्ची के साथ अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने बच्ची से पूरी जानकारी ली। इसके बाद रिपोर्टिंग चौकी जैत में लिखित तहरीर दी। इस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। उधर, वारदात के बाद आरोपी के फरार हो गया। पुलिस ने उसके परिवार के लोगों से पूछताछ की है। 
 
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मथुरा में पांच करोड़ की ठगी: भेलपूरी बेचने वाले ने 300 लोगों को बनाया शिकार, रकम लेकर हुआ फरार

मथुरा के कस्बा नौहझील में एक भेलपूरी विक्रेता द्वारा 300 लोगों से करीब तीन से चार करोड़ रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। वह रकम लेकर गांव से फरार हो गया है। ठग पिछले 16 साल से ढकेल पर भेलपूरी बेचकर कमेटी बनाकर लोगों को शिकार बनाता रहा। मोटी कमाई के लालच में लोग फंसते चले गए। ठगी के शिकार लोगों ने शुक्रवार को थाने में शिकायत की है। बताते हैं कि इसमें 90 हजार से लेकर 16 लाख रुपये तक लोगों ने कमेटी में लगाए हैं।
16 वर्षों से लगा रहा था ठेला
कस्बा नौहझील के बाजना मार्ग नगर निवासी आरोपी नरेंद्र पुजारी कस्बे के चामड़ चौराहे के पास पिछले 16 वर्षों से भेलपूरी का ठेला लगा रहा था। उसने लोगों को झांसे में लेकर अलग-अलग कमेटियां बनाईं। 90 हजार की कमेटी के लिए 60 हजार रुपये जमा करने के लालच में लोग फंसते चले गए। जो ज्यादा दबाव देते उन्हें 90 हजार रुपये वापस कर देता। बड़ी संख्या में लोग ऐसे ज्यादा थे जो कमेटी उठाने के बाद फिर उसी को दोगुने पैसे होने के लिए जमा करते रहे। करीब 250-300 लोग उसके झांसे में आ गए।
20 नवंबर की रात को फरार हुआ आरोपी
20 नवंबर की रात को आरोपी फरार हो गया। इसकी सूचना पर लोग उसके घर पहुंचे। वहां उसकी पत्नी और बच्चे मिले। पूछने पर आरोपी की पत्नी ने बताया कि उसे कुछ भी पता नहीं। लोगों ने आरोप लगाया कि इस ठगी में परिवार के लोग भी शामिल हैं।
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दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस में आग: मथुरा में दो घंटे खड़ी रही महाकौशल एक्सप्रेस, आगरा से भेजा गया स्टार्ट वाहन

झांसी के हेतमपुर स्टेशन के पास दुर्ग एक्सप्रेस की दो बोगियों में आग लगने के कारण आधा दर्जन ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया। इस कारण कैंट स्टेशन पर यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। 
उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की दो बोगियों में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली से झांसी की ओर जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया। झांसी की ओर से आने वाली ताज एक्सप्रेस 2.26 घंटे की देरी से चली। झांसी आगरा एक्सप्रेस सवा दो घंटे तो पुरी-योगनगरी ऋषिकेश अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से चल रही थी। स्टेशन पर यात्रियों की खासी भीड़ जमा हो गई। वेटिंग रूम के अलावा भी प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर यात्री ट्रेनों का इंतजार करते रहे। 
मथुरा में दो घंटे रुकी ट्रेन
अप ट्रैक पर ट्रेनों के रोके जाने से मथुरा में जंक्शन पर महाकौशल एक्सप्रेस को दो घंटे के लिए खड़ा कर लिया गया। लगभग छह बजे ट्रैक चालू किया गया। शुक्रवार को करीब 3 बजकर 05 मिनट पर मुरैना के पास हेतमपुर स्टेशन पर दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस के दो कोच में आग लग गई। जिससे रेलवे ने अप ट्रैक पर जाने वाली सभी ट्रेनों को जहां तहां रोक दिया। इसी के चलते मथुरा जंक्शन पर महाकौशल एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक खड़ी रही। करीब 5 बजकर 53 मिनट पर अप ट्रैक को चालू किया गया। इसके बाद ही महाकौशल आगे बढ़ाई जा सकी। डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्ग-उधमपुर के कोच में आग लगने से करीब 14 ट्रेन को रोका गया था, जिनमें मथुरा जंक्शन पर महाकौशल को दो घंटे के लिए रोका गया है। 

आगरा में स्टेशन पर यात्रियों ने किया इंतजार
नागपुर के किशोर ने बताया कि ट्रेन सवा दो घंटे लेट है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ेगा। यात्री अनीता सिंह का कहना था कि प्लेटफार्म पर पीने के पानी की सुविधा नहीं है। पानी खरीदकर ही पीना पड़ रहा है। शालू सिंह ने कहा कि पूछताछ पर रेलवे कर्मी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। ट्रेन कितना लेट है, इसकी जानकारी भी देने में आनाकानी की जा रही है। 

आगरा से भेजा गया स्टार्ट वाहन
हेतमपुर झांसी में ट्रेन की दो बोगियों में अग्निकांड की घटना के बाद आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से स्टार्ट वाहन को भेजा गया। स्टॉर्ट वाहन में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण होते हैं। यह दुर्घटना राहत ट्रेन का छोटा स्वरूप होता है। इस वाहन को हादसे के तुरंत बाद भेजा गया। इसमें आगरा के कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। 

शताब्दी के पार्सल यान में भी लग चुकी है आग
कोरोना काल के दौरान अप्रैल में शताब्दी एक्सप्रेस के पार्सल यान में अग्निकांड हुआ था। तब रेलवे अधिकारियों ने माना था कि अग्निकांड पार्सल में किसी ज्वलनशील पदार्थ रखने के कारण हुआ। इसके बाद से ही पार्सलों की चेकिंग बढ़ा दी गई थी। 

The Burning Train: मुरैना में दुर्ग एक्सप्रेस की 4 बोगियों में भीषण आग, दिल्ली से छत्तीसगढ़ जा रही थी ट्रेन, देखें वीडियो
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वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर में जबरन चंदन टीका लगाने पर प्रतिबंध, कोर्ट ने गोस्वामियों की कुर्सी-मेज, बेंच हटाने का दिया आदेश

दुर्ग एक्सप्रेस के चार डिब्बों में आग लग गई।
वृंदावन में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले भक्तों के अब कोई जबरन चंदन टीका नहीं लगा सकेगा। मंदिर परिसर में रखीं बैंच आदि भी हटवाई जाएंगी। इस संबंध में शुक्रवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन ने आदेश किया है। इसमें उन्होंने हाईकोर्ट के एक पूर्व आदेश को लागू करते हुए मंदिर परिसर में अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा चंदन टीका लगाए जाने पर रोक लगा दी है। 
मंदिर में रोजाना आते हैं हजारों श्रद्धालु
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। इन श्रद्धालुओं में से कुछ श्रद्धालु गोस्वामीजन से जुड़े होने के कारण उनसे ठाकुरजी की सेवा कराते हैं। जो भक्त गोस्वामी जन से नहीं जुड़े होते हैं, उनको मंदिर परिसर में मौजूद अनाधिकृत लोग चंदन टीका लगाते हैं। इतना ही नहीं यह लोग श्रद्धालुओं से इसके बदले में पैसा भी लेते हैं। जो श्रद्धालु उन्हें पैसा नहीं देते हैं, उनके साथ अभद्र व्यवहार तक करते हैं।
अदालत में दिया था प्रार्थनापत्र
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ठाकुरजी के सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत से इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में किए गए आदेश का अनुपालन करने के लिए प्रार्थना दिया था। जिस पर निर्णय लेते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन अर्चना सिंह ने शुक्रवार को निर्णय दिया।
बेंच और स्टूल हटेंगे
निर्णय में उन्होंने उक्त प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते आदेश किया है कि समस्त गोस्वामीगण मंदिर परिसर व मंदिर चबूतरे पर रखे गए अपने बैंच, स्टूल, टेबिल हटा लें। साथ ही चंदन टीका आदि न लगवाएं और न लगवाने दें। जो भी व्यक्ति मंदिर परिसर के अंदर उक्त आदेशों की अवहेलना करेगा उसके विरुद्व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी ने बताया कि न्यायालय ने अनाधिकृत लोगों द्वारा चंदन टीका लगाने पर रोक लगा दी है। 
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मथुरा सामूहिक दुष्कर्म कांड: आठ दिन पहले हुई थी पीड़िता के पिता की मौत, वारदात से सदमे में परिवार

मथुरा के कोसीकला क्षेत्र में पिता के अंतिम संस्कार के बाद ब्रह्मभोज की रस्म पूरी नहीं हो पाई कि आरोपियों ने दरोगा भर्ती परीक्षा देकर आगरा से घर लौट रही बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे दिया। मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। अन्य की तलाश है। युवती के साथ हुई दुष्कर्म की वारदात से पीड़ित परिवार सदमे में है। 

मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित युवती के पिता 5 नवंबर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उपचार के दौरान 15 नवंबर को पिता को मौत हो गई। मूलरूप से कानपुर का रहने वाला परिवार नौकरी करने के उद्देश्य से कोसी में रह रहा था। करीब आठ लाख रुपये पिता के इलाज में खर्च हुए थे। पीड़िता के परिजनों का कहना था कि बेटी की नौकरी लग जाती तो परिवार का पालन अच्छी तरह से हो जाता। उन्हें क्या पता था कि आरोपी उसकी ऐसी हालत कर देंगे।
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मथुरा: नोडल अधिकारी ने अस्पताल और स्कूल का किया निरीक्षण, गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी

मथुरा के नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को जिले के अधिकारियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट, विकास खण्ड मांट और प्राथमिक विद्यालय मांट राजा का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की और साफ-सफाई न मिलने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को ्व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। 

शुक्रवार को नोडल अधिकारी डॉ. मयूर माहेश्वरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट का निरीक्षण किया। उन्होंने सीडीओ नितिन गौड़ के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की। वहीं शौचालय में साफ-सफाई न मिलने से नाराजगी जताई। इसके बाद विकास खण्ड मांट का निरीक्षण किया। यहां सरकारी कार्यालय की छत गिरने पर मरम्मत करने के लिए खण्ड विकास अधिकारी ऋषिपाल को निर्देश दिए। 

इसके बाद नोडल अधिकारी ने ग्राम पंचायत मांट राजा के सम्मिलित विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां क्लास रूम में जमीन पर बैठकर पढ़ रहे बच्चों के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी रामतीर्थ वर्मा को फर्नीचर की व्यवस्था करने को कहा। इस मौके एसडीएम मांट आदित्य प्रजापति, खण्ड विकास मांट ऋषिपाल सिंह, सीओ मांट नेत्रपाल सिंह, एबीएसए रामतीर्थ वर्मा, एसीएमओ पीके गुप्ता आदि मौजूद रहे। 
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विश्वविद्यालय: कॉलेजों में संसाधन पूरे होंगे तभी बढ़ेंगी 33 फीसदी सीटें, निरीक्षण के लिए समितियों का गठन

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 20 कॉलेजों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तय किया है कि संसाधन पूरे होने पर ही 33 फीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी। कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए समितियां बनाई गई हैं। जो कि कॉलेजों में संसाधन, शिक्षकों की संख्या आदि देखेगी। समितियों की रिपोर्ट के आधार पर ही सीटें बढ़ाई जाएंगी। 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजीव कुमार सिंह के मुताबिक कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए समिति बनाकर संबंधित को पत्र जारी कर दिया है। प्रत्येक समिति में एक शिक्षक व सहायक कुलसचिव को रखा गया है। ये 26 व 27 नवंबर को कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे। 28 नवंबर को अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी संकाय में 60 सीटें हैं तो उसे बढ़ाकर अधिकतम 80 किया जाएगा। 

आगरा के आगरा कॉलेज, पं. श्री जगन्नाथ प्रसाद महाविद्यालय शमसाबाद, श्रीमती शांतिदेवी डिग्री कॉलेज किरावली, डॉ. एमपीएस कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज सिकंदरा, बीवीआरआई बिचपुरी ने सीटें बढ़ाने की अनुमति मांगी है। फिरोजाबाद के एसआरके पीजी कॉलेज, शिकोहाबाद ने आवेदन किया है। प्रो. लवकुश मिश्रा व सहायक कुलसचिव प्रशासन कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे।  
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