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Mau News: 4028 पति-पत्नी और 3547 आयकर भरने वालों ने हड़प लिया किसानों का ‘सम्मान’
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सर्वे में 8520 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। इन अपात्रों में कई ने न केवल सम्मान निधि का लाभ लिया है बल्कि दूसरी योजनाओं का भी लाभ लिया है।
इसमें 4028 ऐसे लाभार्थी हैं जो कि पति-पत्नी हैं, बावजूद इस योजना का लाभ ले रहे हैं। 3547 आयकर दाता और 945 दोहरे पंजीयन वाले मिले हैं। इसके अलावा विभाग पूरा प्रमाणपत्र न देने पर 28 हजार किसानों की पीएम सम्मान निधि रोकने के साथ इनकी जांच कर रहा है।
चारों तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 3 लाख 38 हजार किसान पंजीकृत हैं। विभागीय जांच में 8520 किसानों को अपात्र पाया गया है। इनकी निधि फिलहाल रोक दी गई है। वसूली के लिए विभाग आरसी जारी करने की तैयारी कर रहा है।
रानीपुर ब्लॉक, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी ब्लॉक में ऐसे प्रकरण सबसे ज्यादा आए हैं। उधर, विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि पति-पत्नी दोनों को धन मिला है, तो एक व्यक्ति से पूरी राशि वापस ली जाएगी, तभी दूसरे को भविष्य में भुगतान किया जाएगा।
इस दौरान 20 हजार 152 ऐसे किसान मिले हैं जो कि विरासत खेती की जानकारी नहीं दी है। एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान भू स्वामियों द्वारा ली गई सम्मान निधि तथा वर्ष 2019 के पश्चात विरासत व अन्य स्रोतों से मिली जमीन पर किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। अब सरकार ने ऐसे कृषकों की सम्मान निधि पर रोक लगा दी है।
नौ ब्लॉक में जांच समितियां गठित
जिला कृषि अधिकारी सोमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित की गई हैं, जो किसानों से संपर्क कर वसूली की प्रक्रिया पूरी करेगी। साथ ही कृषि विभाग ने जिले में सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और लेखपालों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करें, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी को गलती से धनराशि प्राप्त हुई है, तो वह स्वयं विभागीय खाते में राशि जमा कर दें, अन्यथा वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसान सम्मान न पाने वाले किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर इसकी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि उनकी सम्मान निधि किस कारण से बाधित है, क्या-क्या कागजात उन्हें देने पड़ेंगे।
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इसमें 4028 ऐसे लाभार्थी हैं जो कि पति-पत्नी हैं, बावजूद इस योजना का लाभ ले रहे हैं। 3547 आयकर दाता और 945 दोहरे पंजीयन वाले मिले हैं। इसके अलावा विभाग पूरा प्रमाणपत्र न देने पर 28 हजार किसानों की पीएम सम्मान निधि रोकने के साथ इनकी जांच कर रहा है।
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चारों तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 3 लाख 38 हजार किसान पंजीकृत हैं। विभागीय जांच में 8520 किसानों को अपात्र पाया गया है। इनकी निधि फिलहाल रोक दी गई है। वसूली के लिए विभाग आरसी जारी करने की तैयारी कर रहा है।
रानीपुर ब्लॉक, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी ब्लॉक में ऐसे प्रकरण सबसे ज्यादा आए हैं। उधर, विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि पति-पत्नी दोनों को धन मिला है, तो एक व्यक्ति से पूरी राशि वापस ली जाएगी, तभी दूसरे को भविष्य में भुगतान किया जाएगा।
इस दौरान 20 हजार 152 ऐसे किसान मिले हैं जो कि विरासत खेती की जानकारी नहीं दी है। एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान भू स्वामियों द्वारा ली गई सम्मान निधि तथा वर्ष 2019 के पश्चात विरासत व अन्य स्रोतों से मिली जमीन पर किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। अब सरकार ने ऐसे कृषकों की सम्मान निधि पर रोक लगा दी है।
नौ ब्लॉक में जांच समितियां गठित
जिला कृषि अधिकारी सोमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित की गई हैं, जो किसानों से संपर्क कर वसूली की प्रक्रिया पूरी करेगी। साथ ही कृषि विभाग ने जिले में सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और लेखपालों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करें, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि किसी को गलती से धनराशि प्राप्त हुई है, तो वह स्वयं विभागीय खाते में राशि जमा कर दें, अन्यथा वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसान सम्मान न पाने वाले किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर इसकी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि उनकी सम्मान निधि किस कारण से बाधित है, क्या-क्या कागजात उन्हें देने पड़ेंगे।