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Mau News: 50 साल पुराने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को भी मिलेगी वित्तीय मदद
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जिले के जर्जर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को संवारने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना से मदद मिल सकेगी। छात्र संख्या के आधार पर माध्यमिक विद्यालयों को 25 लाख रुपए से 1.25 करोड़ तक का वित्तीय मदद पा सकेंगे।
जिले में 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 14 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों के जीणर्णोद्धार की योजना प्रोजेक्ट अलंकार अब सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए ज्यादा मददगार और व्यावहारिक हो गई है।
योजना के तहत अब 50 साल पुराने एडेड (सहायता प्राप्त) स्कूलों को भी शासन से सहायता मिल सकेगी। पहले यह सुविधा 75 साल पुराने स्कूलों के लिए थी। योजना में अब स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर सहायता मिलेगी।
इसमें 500 छात्र संख्या तक के स्कूलों को निर्माण के लिए 25 लाख और दो हजार से ज्यादा छात्रों वाले स्कूल को सवा करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी। स्कूल के सर्वे के लिए जिलास्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
300 से लेकर 500 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 25 लाख तक की वित्तीय मदद मिलेगी। छात्र संख्या 2001 से अधिक है तो यह सहायता 1.25 करोड़ तक होगी।
प्रोजेक्ट अलंकार के नियमों के अनुसार स्कूल के पुनर्निर्माण या जीर्णोद्धार के लिए तय लागत का 75 फीसदी सरकार देती है और 25 फीसदी अंश विद्यालय प्रबंधन को लगाना होता है। अब यह 25 फीसदी हिस्सा भी प्रबंधतंत्र सांसद-विधायक निधि और कंपनियों के सीएसआर के तहत ले सकेंगे।
विद्यालय प्रबंधन सहयोग राशि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव के साथ आवेदन करेंगे। इसे डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति अग्रसारित करेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत पुराने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को शासन से सहायता मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन प्रस्ताव के साथ आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदन समिति को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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जिले में 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 14 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों के जीणर्णोद्धार की योजना प्रोजेक्ट अलंकार अब सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए ज्यादा मददगार और व्यावहारिक हो गई है।
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योजना के तहत अब 50 साल पुराने एडेड (सहायता प्राप्त) स्कूलों को भी शासन से सहायता मिल सकेगी। पहले यह सुविधा 75 साल पुराने स्कूलों के लिए थी। योजना में अब स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर सहायता मिलेगी।
इसमें 500 छात्र संख्या तक के स्कूलों को निर्माण के लिए 25 लाख और दो हजार से ज्यादा छात्रों वाले स्कूल को सवा करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी। स्कूल के सर्वे के लिए जिलास्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
300 से लेकर 500 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 25 लाख तक की वित्तीय मदद मिलेगी। छात्र संख्या 2001 से अधिक है तो यह सहायता 1.25 करोड़ तक होगी।
प्रोजेक्ट अलंकार के नियमों के अनुसार स्कूल के पुनर्निर्माण या जीर्णोद्धार के लिए तय लागत का 75 फीसदी सरकार देती है और 25 फीसदी अंश विद्यालय प्रबंधन को लगाना होता है। अब यह 25 फीसदी हिस्सा भी प्रबंधतंत्र सांसद-विधायक निधि और कंपनियों के सीएसआर के तहत ले सकेंगे।
विद्यालय प्रबंधन सहयोग राशि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव के साथ आवेदन करेंगे। इसे डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति अग्रसारित करेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत पुराने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को शासन से सहायता मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन प्रस्ताव के साथ आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदन समिति को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।