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Mau News: 44 डॉक्टर-कर्मचारी अनुपस्थित, ऑक्सीजन आपूर्ति ठप, ऑपरेशन थियेटर बंद मिला
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घोसी के टडियांव स्थित 100 शैय्या अस्पताल में ओटी का औचक निरीक्षण करते सीडीओ विवेक श्रीवास्तव।
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घोसी ब्लॉक के टड़ियांव स्थित 100 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल का सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। इस दौरान ऑपरेशन थियेटर (ओटी) बंद मिला, जबकि ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था भी सुचारु नहीं पाई गई।
अस्पताल में भर्ती मरीजों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका। महंगी मशीनों का रखरखाव संतोषजनक नहीं मिला। अधीक्षक समेत 44 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी सोमवार सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दवाओं का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। अस्पताल में स्थापित विभिन्न मशीनों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था।
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ऑपरेशन थियेटर बंद पाया गया। ऑक्सीजन प्लांट नियमित रूप से संचालित नहीं होने के कारण पाइपलाइन के माध्यम से वार्डों और कमरों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। तैनात चिकित्सक अनुपस्थित थे और ओपीडी सेवाएं भी संचालित नहीं थीं। दवाओं का रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। साथ ही, शीघ्र एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग से सुरक्षित नहीं रखा गया था।
अस्पताल परिसर और भवन की साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई। निरीक्षण के समय कहीं भी सफाई कार्य संचालित नहीं था। तीन मंजिला भवन में व्यापक स्तर पर गंदगी और अव्यवस्था मिली। परिसर और भवन के विभिन्न स्थानों पर घास-फूस उगी हुई थी तथा नियमित सफाई व्यवस्था नहीं की जा रही थी।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल अधीक्षक का डॉक्टरों और कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। वार्डों में लगे बेड पर पुरानी और दागयुक्त बेडशीटें कई दिनों से बिना बदले उपयोग में लाई जा रही थीं।
अस्पताल की लिफ्ट भी बंद मिली। अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक एक्स-रे मशीन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिससे उसके खराब होने की आशंका बनी हुई है।
कोट-- --
जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक अस्पताल बनाया गया है, लेकिन वहां व्यवस्थाओं का संचालन संतोषजनक नहीं मिला। सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है। -विवेक श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी, मऊ
अस्पताल में भर्ती मरीजों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका। महंगी मशीनों का रखरखाव संतोषजनक नहीं मिला। अधीक्षक समेत 44 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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मुख्य विकास अधिकारी सोमवार सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दवाओं का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। अस्पताल में स्थापित विभिन्न मशीनों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था।
ऑपरेशन थियेटर बंद पाया गया। ऑक्सीजन प्लांट नियमित रूप से संचालित नहीं होने के कारण पाइपलाइन के माध्यम से वार्डों और कमरों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। तैनात चिकित्सक अनुपस्थित थे और ओपीडी सेवाएं भी संचालित नहीं थीं। दवाओं का रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। साथ ही, शीघ्र एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग से सुरक्षित नहीं रखा गया था।
अस्पताल परिसर और भवन की साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई। निरीक्षण के समय कहीं भी सफाई कार्य संचालित नहीं था। तीन मंजिला भवन में व्यापक स्तर पर गंदगी और अव्यवस्था मिली। परिसर और भवन के विभिन्न स्थानों पर घास-फूस उगी हुई थी तथा नियमित सफाई व्यवस्था नहीं की जा रही थी।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल अधीक्षक का डॉक्टरों और कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। वार्डों में लगे बेड पर पुरानी और दागयुक्त बेडशीटें कई दिनों से बिना बदले उपयोग में लाई जा रही थीं।
अस्पताल की लिफ्ट भी बंद मिली। अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक एक्स-रे मशीन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिससे उसके खराब होने की आशंका बनी हुई है।
कोट
जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक अस्पताल बनाया गया है, लेकिन वहां व्यवस्थाओं का संचालन संतोषजनक नहीं मिला। सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है। -विवेक श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी, मऊ