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Mau News: किसानों के विरोध के बीच बोर्ड ने दी हरी झंडी, 200 हेक्टेयर जमीन में जल्द बनेगी कॉलोनी

Tue, 30 Jun 2026 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:05 AM IST
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Board gives green light amidst farmers' protests; colony to be built soon on 200 hectares of land.
जिले में 200 हेक्टेयर भूमि पर आवास विकास कॉलोनी जल्द स्थापित होगी। इस पर सरकार की ओर से 3781 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण की सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
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शासन की ओर से आवास विकास बोर्ड को भेजे गए दर निर्धारण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अब जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व प्रधान योगेशराय के अनुसार करीब 1500 किसान प्रभावित हो रहे हैं।
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उधर, इसे लेकर कोपागंज ब्लॉक क्षेत्र के पांच गांवों के किसान आवास विकास बोर्ड की निर्धारित दर का विरोध कर रहे हैं। किसान फोरलेन सड़क के लिए मिले मुआवजे से अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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जिले में काफी समय से आवास विकास कॉलोनी के लिए भूमि की तलाश की जा रही थी। इसके लिए सदर तहसील के रेवरीडीह, मेघई, सहरोज, मुहम्मदपुर और डाड़ीखास में भूमि चिह्नित की गई है।
इन पांचों गांवों को मिलाकर 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसमें 11.784 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज, 0.123 हेक्टेयर भूमि आबादी के रूप में दर्ज है। इसके अलावा 92.821 हेक्टेयर भूमि किसानों की है।
योजना के तहत प्रस्तावित भूमि के अधिग्रहण पर कुल 3088.84 करोड़ तथा विकास कार्यों पर 692.76 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यानी कुल 3781 करोड़ रुपये आवास विकास कॉलोनी पर खर्च किए जाएंगे।
काफी समय पहले प्रशासन की ओर से भूमि का दर निर्धारण कर रिपोर्ट आवास विकास बोर्ड को भेजी गई थी, लेकिन बोर्ड की बैठक न होने के कारण मामला लंबित था। अब शासन की ओर से आवास विकास कॉलोनी के लिए हरी झंडी दे दी गई है। ऐसे में जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।



किसान बोले- मुआवजा दर स्पष्ट की जाए, बाजार भाव के अनुरूप मिले मुआवजा
आवास विकास कॉलोनी के लिए कम मुआवजा दिए जाने को लेकर किसानों में नाराजगी है। इस संबंध में किसान रामदरश, वीरेंद्र राय, अरविंद, दीपक उपाध्याय और संतोष यादव का कहना है कि फोरलेन सड़क के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की तुलना में आवास एवं विकास परिषद की ओर से आधी मुआवजा दर देने की बात कही जा रही है।
यदि वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा निर्धारित नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। इसी क्रम में भोला पाल, रामबलि राजभर, हिमांशु राय, छोटे लाल गोंड, अजय खरवार, राम गोपाल शर्मा, रामकृत यादव, रामनियादी पाल, ललन यादव और सोहन राम ने कहा कि अधिकारियों की ओर से मुआवजे की दर स्पष्ट नहीं की गई है।
इससे किसानों में संशय की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन को मुआवजा दर सार्वजनिक करनी चाहिए। आवास एवं विकास परिषद की ओर से मुआवजा राशि कम दिए जाने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि वर्तमान बाजार भाव 60 लाख रुपये प्रति मंडा है। वर्ष 2017 में फोरलेन के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 44 लाख रुपये दिया गया था।

किसानों के अनुसार आवास एवं विकास परिषद द्वारा फिलहाल 20 लाख रुपये प्रति मंडा के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने कहा कि वर्तमान बाजार दर के अनुसार ही मुआवजा दिया जाए, अन्यथा वे आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे।


वर्जन---
जिले में 200 हेक्टेयर भूमि के लिए मुआवजा दर निर्धारित कर आवास एवं विकास परिषद को भेजी गई है। किसानों को इस संबंध में आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों से बात करनी चाहिए। -दिनेश कुमार मिश्र, सीआरओ
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