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Mau News: सीडीओ बोले, पोषण अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
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मऊ। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार की देर शाम मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला पोषण कन्वर्जेंस समिति की बैठक की हुई। इसमें सीडीओ ने पोषण अभियान में लापरवाही पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। चेतावनी दी गई कि अपेक्षित सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने विकासखंड दोहरीघाट और रतनपुरा की असंतोषजनक प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को ''संभव अभियान 6.0'' के तहत अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी दी गई। इस दौरान छह माह से कम आयु के कुपोषित शिशुओं के प्रबंधन की भी समीक्षा हुई। पोषण ट्रैकर पर चिह्नित गंभीर कुपोषित बच्चों के ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण की प्रगति का आकलन किया गया। मोहम्मदाबाद गोहना, फतेहपुर मंडाव, परदहा और रानीपुर की खराब प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित सुधार न होने पर इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्र के 50 भवनों में से सिर्फ 14 पूरे
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्थिति बताई। वर्ष 2024-25 में 50 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का लक्ष्य था, जिनमें से केवल 14 पूरे हुए हैं। पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 215 में से 202 केंद्रों पर ही सुविधा उपलब्ध है। मुख्य विकास अधिकारी ने सक्षम आंगनबाड़ी अभियान के तहत बाला पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका से संबंधित अपूर्ण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से बच्चों और माताओं के बेहतर पोषण के लिए समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया।
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बैठक में गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने विकासखंड दोहरीघाट और रतनपुरा की असंतोषजनक प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को ''संभव अभियान 6.0'' के तहत अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी दी गई। इस दौरान छह माह से कम आयु के कुपोषित शिशुओं के प्रबंधन की भी समीक्षा हुई। पोषण ट्रैकर पर चिह्नित गंभीर कुपोषित बच्चों के ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण की प्रगति का आकलन किया गया। मोहम्मदाबाद गोहना, फतेहपुर मंडाव, परदहा और रानीपुर की खराब प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित सुधार न होने पर इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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आंगनबाड़ी केंद्र के 50 भवनों में से सिर्फ 14 पूरे
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्थिति बताई। वर्ष 2024-25 में 50 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का लक्ष्य था, जिनमें से केवल 14 पूरे हुए हैं। पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 215 में से 202 केंद्रों पर ही सुविधा उपलब्ध है। मुख्य विकास अधिकारी ने सक्षम आंगनबाड़ी अभियान के तहत बाला पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका से संबंधित अपूर्ण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से बच्चों और माताओं के बेहतर पोषण के लिए समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया।
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