{"_id":"6a6e45a1dbb02ea87709fbda","slug":"faith-triumphs-over-age-embarked-on-a-walking-kanwar-yatra-from-gangotri-mau-news-c-295-1-mau1001-149563-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: उम्र पर भारी आस्था, गंगोत्री से शुरू की पैदल कांवड़ यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: उम्र पर भारी आस्था, गंगोत्री से शुरू की पैदल कांवड़ यात्रा
विज्ञापन
70 की उम्र में आस्था का जुनून गंगोत्री से पैदल निकलीं दो माताएं, रतनपुरा में हुआ स्वागत।
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रतनपुरा। जनपद मऊ के रतनपुरा बाजार में 70 वर्ष की दो महिला श्रद्धालु गंगोत्री से बैजनाथ धाम तक की पैदल कांवड़ यात्रा करते हुए पहुंचीं। उन्होंने 26 मई को गंगा दशहरा के दिन गंगोत्री धाम से पवित्र गंगा जल लेकर अपनी यात्रा शुरू की थी।
करीब 32 दिनों की कठिन यात्रा पूरी कर वे रतनपुरा स्टेशन स्थित मां काली मंदिर पहुंची।सुनीता देवी (धनबाद, झारखंड) और निर्मला देवी (लखीसराय, बिहार) का लक्ष्य झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम, देवघर में जलाभिषेक करना है। महिलाओं ने बताया कि वे हर साल सावन में देवघर में मिलती थीं। वर्षों की मुलाकात दोस्ती में बदली और इस बार उन्होंने गंगोत्री से पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करने की प्रतिज्ञा ली। उनके पास बैजनाथ धाम और गंगोत्री का जल सुरक्षित है।
सुनीता देवी ने कहा, “इस नश्वर संसार में गंगा सेवा, गौ सेवा और भगवान भोलेनाथ की शरणागति ही अंतिम पूर्णता है। निर्मला देवी ने कहा,भगवान भोलेनाथ की कृपा दृष्टि जिस पर पड़ जाए, उसका जीवन धन्य हो जाता है।
विज्ञापन
रतनपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों और बाजार के लोगों ने दोनों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। उन्होंने उनकी सेवा-सुविधा का ध्यान रखा। मंदिर परिसर में दोनों श्रद्धालुओं ने उपस्थित लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। लोगों ने उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और भक्ति को नमन करते हुए आगे की यात्रा के लिए विदा किया।
विज्ञापन
करीब 32 दिनों की कठिन यात्रा पूरी कर वे रतनपुरा स्टेशन स्थित मां काली मंदिर पहुंची।सुनीता देवी (धनबाद, झारखंड) और निर्मला देवी (लखीसराय, बिहार) का लक्ष्य झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम, देवघर में जलाभिषेक करना है। महिलाओं ने बताया कि वे हर साल सावन में देवघर में मिलती थीं। वर्षों की मुलाकात दोस्ती में बदली और इस बार उन्होंने गंगोत्री से पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करने की प्रतिज्ञा ली। उनके पास बैजनाथ धाम और गंगोत्री का जल सुरक्षित है।
विज्ञापन
सुनीता देवी ने कहा, “इस नश्वर संसार में गंगा सेवा, गौ सेवा और भगवान भोलेनाथ की शरणागति ही अंतिम पूर्णता है। निर्मला देवी ने कहा,भगवान भोलेनाथ की कृपा दृष्टि जिस पर पड़ जाए, उसका जीवन धन्य हो जाता है।
विज्ञापन
रतनपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों और बाजार के लोगों ने दोनों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। उन्होंने उनकी सेवा-सुविधा का ध्यान रखा। मंदिर परिसर में दोनों श्रद्धालुओं ने उपस्थित लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। लोगों ने उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और भक्ति को नमन करते हुए आगे की यात्रा के लिए विदा किया।