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आरटीई : तीसरे चरण में 323 बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा दाखिला
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तीसरे चरण में 323 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटों का आवंटन किया गया। आवेदन करने वाले 830 बच्चों में से जांच में विभिन्न कारणों से 370 बच्चे अपात्र पाए गए। विभाग की तरफ से चयनित बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिया गया है।
जिले में आरटीई पोर्टल पर 770 निजी स्कूल पंजीकृत हैं। आरटीई के तहत जिले के निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इस बार आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न हुई।
आरटीई के तहत तीसरे चरण के लिए 12 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आवेदन प्रक्रिया चली। इसमें बच्चों के दाखिले के लिए 830 आवेदन प्राप्त हुए। दस्तावेज सही न मिलने के कारण 370 छात्रों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए। जांच के बाद केवल 460 बच्चों के आवेदन सही पाए गए। 27 मार्च को लॉटरी निकाली गई।
तीसरे चरण में 323 बच्चों को लॉटरी सिस्टम के जरिए सीटें आवंटित की गई। पहले चरण में 746 बच्चों को, और दूसरे चरण में 416 बच्चों को लॉटरी सिस्टम के जरिए सीटें दी गई थीं।
इस बाबत जिला समन्वयक, सामुदायिक सहभागिता, आलोक कुमार सिंह का कहना है कि तीसरे चरण में 830 आवेदन आए। सत्यापन के बाद लॉटरी सिस्टम के जरिए 323 बच्चों को सीटें आवंटित की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को सीट नहीं मिल सकी है, उन्हें अगले सत्र में पहले चरण में आवेदन करना होगा।
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जिले में आरटीई पोर्टल पर 770 निजी स्कूल पंजीकृत हैं। आरटीई के तहत जिले के निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इस बार आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न हुई।
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आरटीई के तहत तीसरे चरण के लिए 12 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आवेदन प्रक्रिया चली। इसमें बच्चों के दाखिले के लिए 830 आवेदन प्राप्त हुए। दस्तावेज सही न मिलने के कारण 370 छात्रों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए। जांच के बाद केवल 460 बच्चों के आवेदन सही पाए गए। 27 मार्च को लॉटरी निकाली गई।
तीसरे चरण में 323 बच्चों को लॉटरी सिस्टम के जरिए सीटें आवंटित की गई। पहले चरण में 746 बच्चों को, और दूसरे चरण में 416 बच्चों को लॉटरी सिस्टम के जरिए सीटें दी गई थीं।
इस बाबत जिला समन्वयक, सामुदायिक सहभागिता, आलोक कुमार सिंह का कहना है कि तीसरे चरण में 830 आवेदन आए। सत्यापन के बाद लॉटरी सिस्टम के जरिए 323 बच्चों को सीटें आवंटित की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को सीट नहीं मिल सकी है, उन्हें अगले सत्र में पहले चरण में आवेदन करना होगा।