मेरठ के शताब्दी नगर में 620 एकड़ जमीन पर प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की नई नीति के तहत मुआवजा न दिए जाने के विरोध में पिछले कई दिन से धरने पर बैठे किसानों ने आज धरना स्थल पर महापंचायत करने के बाद दिल्ली-मेरठ हाईवे जाम करने के इरादे से कूच किया। वहीं किसानों द्वारा जाम लगाने की सूचना पर पुलिस अधिकारी दौड़ पड़े। फिलहाल पुलिस अधिकारी किसानों को समझाने में लगे हुए हैं।
जमीन के लिए जंग: अधिकारियों से नहीं बनी बात तो दिल्ली-मेरठ हाईवे जाम करने पहुंचे किसान, दौड़े अफसर
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जानकारी के अनुसार शताब्दीनगर धरनास्थल से तकरीबन आठ सौ मीटर आगे डिवाइडर तक किसान पहुंच गए। वहीं किसानों का कहना है कि कि वे मर जाएंगे लेकिन अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। अधिकारी किसानों की बात नहीं सुन रहे हैं।
अधिकारियों को दिया गया अल्टीमेटम खत्म हो गया है लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। उनका कहना है कि डीएम अनिल ढींगरा आकर उनकी मांगों को लेकर उन्हें आश्वासन देते हैं तभी वे इस प्रदर्शन को खत्म करेंगे। अन्यथा हाईवे जाम करने की उनकी पूरी तैयारी है।
गौरतलब है कि किसान बड़ी संख्या में दिल्ली मेरठ-हाईवे की ओर कूच कर रहे थे कि पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर उन्हें धरनास्थल से आठसौ मीटर की दूरी पर ही रोक दिया। उधर किसानों द्वारा जाम लगाने के लिए निकलने की सूचना पर अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं।
एडीएम सिटी अजय तिवारी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह, एसीएम ब्रहमपुरी, सीओ ब्रहमपुरी, चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ दौराला पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं एमडीए के भी कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। एक गाड़ी आरएएफ की बटालियन मौके पर तैनात है।
जानकारी दे दें कि पिछले कई दिन से भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठे हुए हैं साथ ही दर्जनभर किसानों ने पानी की टंकी पर चढ़कर भी एमडीएम व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसान नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
शनिवार को बचत भवन में जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद रविवार को कुछ किसान टंकी पर चढ़ गए थे। किसानों का कहना है कि अगर एमडीए मुआवजा नहीं दे पा रहा है तो हमारी जमीन ही वापस कर दे। जो पैसा हमें दिया गया था वह हम लौटा देंगे।