मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में शुक्रवार को जिला न्यायालय में अंतिम बहस की प्रक्रिया शुरू हो गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में 22 गवाहों ने आरोपी मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी, जहां अंतिम बहस का क्रम आगे बढ़ेगा।
सौरभ हत्याकांड: अंतिम बहस शुरू, 22 गवाहों के बयानों का किया उल्लेख, अब 27 मई पर टिकी नजर
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिला न्यायालय में अंतिम बहस शुरू हो गई है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में 22 गवाहों ने मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
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22 गवाहों और साक्ष्यों का अदालत में उल्लेख
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में 22 गवाहों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बयान दिए हैं। इसके साथ ही गवाहों के बयानों और एकत्र किए गए साक्ष्यों से संबंधित जानकारी भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करते हैं।
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क्या है सौरभ हत्याकांड?
सौरभ राजपूत मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र का निवासी था और लंदन के एक व्यापारिक केंद्र में कार्यरत था। वह अपनी बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान रस्तौगी का जन्मदिन मनाने के लिए 24 फरवरी 2025 को घर लौटा था। परिवार ने 25 फरवरी को बेटी और 27 फरवरी को पत्नी का जन्मदिन मनाया था।
आरोप है कि तीन मार्च 2025 की रात मुस्कान रस्तौगी ने अपने कथित प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी। अभियोजन के अनुसार हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए उसके टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट का घोल डाल दिया गया।
हिमाचल यात्रा के बाद हुआ खुलासा
जांच के अनुसार घटना के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश चले गए थे। 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। 18 मार्च को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नीला ड्रम बरामद किया। इसके साथ ही खून से सने कपड़े और घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किए गए।
19 मार्च को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दोनों आरोपी तब से जिला कारागार में बंद हैं।
27 मई को फिर होगी सुनवाई
मामले में अंतिम बहस की शुरुआत हो चुकी है। अब सभी की नजर 27 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जब अभियोजन पक्ष अपनी दलीलों को आगे बढ़ाएगा और न्यायालय में बहस का अगला चरण पूरा किया जाएगा।