Meerut: कमिश्नरी में मैराथन बैठक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंथन, सेंट्रल मार्केट प्रतिनिधिमंडल ने लगाई गुहार
मेरठ में सेंट्रल मार्केट मामले को लेकर कमिश्नरी में उच्चस्तरीय मैराथन बैठक जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार, प्रमुख सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने समीक्षा की। धरनारत महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर घर बचाने की मांग की।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट विवाद और सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बाद शुक्रवार को कमिश्नरी में उच्चस्तरीय मैराथन बैठक आयोजित की गई। आवास एवं विकास परिषद की शास्त्री नगर योजना से जुड़े प्रकरण पर मुख्यमंत्री के सलाहकार, प्रमुख सचिव, आवास आयुक्त और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत मंथन किया। इसी दौरान सेंट्रल मार्केट में धरना दे रही महिलाओं और व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर अपने घरों को बचाने की मांग उठाई।
कमिश्नरी सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद, आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह, उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार तथा मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन और आगे की कार्यवाही को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सेंट्रल मार्केट में पिछले कई महीनों से धरने पर बैठी महिलाओं और व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भी अधिकारियों से मिला। प्रतिनिधिमंडल में राधा गुप्ता, शालिनी शर्मा, बीना भार्गव, प्रीति कपूर, पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर और व्यापारी नेता मनोज गर्ग समेत अन्य लोग शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से अपने घरों और आजीविका को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए राहत देने का आग्रह किया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि 14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। न्यायालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मकानों में भी निर्धारित खुला स्थान छोड़ने के नियम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
साथ ही अवैध निर्माण के मामलों में किसी भी प्रकार की रियायत देने से इनकार करते हुए प्रमुख सचिव को निर्देश दिया था कि कार्रवाई केवल शास्त्री नगर तक सीमित न रखी जाए, बल्कि व्यापक स्तर पर लागू की जाए। शुक्रवार को कमिश्नरी में हुई बैठक को इन्हीं निर्देशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।